mahakalउज्जैन. श्रावण के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल गाजे-बाजे के साथ अपनी प्रजा को दर्शन देने के लिए निकले. राजाधिराज ने मनमहेश के रूप में दर्शन देकर भक्तों को अभिभूत कर दिया.

जय महाकाल… जय महाकाल… की अनुगूंज, ढमरूओं का निनाद और झांझ-मजीरों की आवाज के बीच बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर अपने प्रजाजनों का हाल जानने के लिए निकले.

Related Posts:

उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए मान्यता जरूरी होगी
महिला अधिकार अभियानों से जुड़ेंगे आमिर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में दसवां विश्व हिन्दी सम्मेलन का उद्घाटन किय...
2022 तक किसानों की आमदनी हो दोगुनी : मोदी
गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार : विशेष अदालत 17 को सुनायेगी सजा
बारुदी सुरंग विस्फोट की चपेट में आने से सीआरपीएफ के दस जवान शहीद