isroनई दिल्ली,  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मनरेगा के तहत हर ग्राम पंचायत में निर्मित संपत्तियों को उपग्रहों के माध्यम से दर्ज करेगा, जिससे इन संपत्तियों के निर्माण कार्य की निगरानी की जा सकेगी.

ग्रामीण विकास मंत्रालय और इसरो के बीच एक करार पर हस्ताक्षर होने से यह सुविधा उपलब्ध हुई है. देश में हर साल मनरेगा के तहत करीब तीस लाख संपत्तियों का निर्माण होता है. पीएम नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों मनरेगा की समीक्षा बैठक में इस योजना के तहत निर्मित संपत्तियों की ऑनलाइन निगरानी और उन्हें ऑनलाइन दर्ज किए जाने पर जोर दिया था.

भुवन मोबाइल प्लेटफॉर्म के जरिए मनरेगा के तहत निर्मित संपत्तियों को ऑनलाइन दर्ज कर लिया जाएगा. इसके साथ ग्राम रोजगार सहायक या जूनियर इंजीनियर की तस्वीरें भी दर्ज कर ली जाएंगी. इस नयी तकनीक से सरकारी योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता आएगी. साथ ही मनरेगा के तहत निर्मित संपत्तियों को देखा भी जा सकेगा और इलाके की मैपिंग भी की जा सकेगी, ताकि विकास कार्यों को सही तरीके से पूरा किया सके.

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