भोपाल,

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के भोपाल स्थित आयकर मुख्यालय में 31 हजार पद खाली पड़े हैं. ऐसे में महज 50 प्रतिशत से भी कम स्टाफ के भरोसे काम चल रहा है. कर्मचारियों की कमी के चलते आयकर का सूचना तंत्र भी कमजोर होते जा रहा है.

हालांकि इसको लेकर विभाग भी चिंतित है लेकिन अब तक कोई उचत निष्कर्ष नहीं निकल सका है. पिछले दिनों स्टाफ बढ़ाने को लेकर आयकर विभाग के कर्मचारी नेताओं ने दिल्ली में बैठक आयोजित कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया और स्वीकृत स्टाफ के रिक्त पदों पर भर्ती कराने की मांग की है लेकिन इस और विभाग से अब तक कोई पहली नहीं की गई.

2013 में हुआ था कैडर स्ट्रक्चर

वर्ष 2013 में कैडर स्ट्रक्चर हुआ था लेकिन पांच साल बीते जाने के बाद भी भर्ती नहीं हुई है. स्थित यह हो गई है कि एक व्यक्ति पर दोहरा भार आ रहा है. वर्तमान में 31 हजार पद खाली पड़े है. इन में ग्रुप सी, इंस्पेक्टर, ओएस, टीए, सीनियर टीए और स्टेनों ग्राफर के पद खाली पड़े है.

बिगड़ सकती है आयकर की स्थिति

काम का बढ़ता दबाव और कर्मचारियों की कमी के चलते जो कर्मचारी कार्यरत है उन पर दोहरा काम बढ़ता जा रहा है. अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में आयकर विभाग की स्थित बिगड़ सकती है. मप्र और छत्तसीगढ़ में आयकर का सूचना तंत्र भी अनुभवी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद से कमजोर होता जा रहा है.

रिक्त पदों के पूर्ति के लिए दिल्ली में बैठक आयोजित कर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है. पदों के न भरे जाने से कर्मचारियों पर दोहरा काम बढ़ रहा है. इन पदों पर जल्द पूर्ति नहीं की गई तो आयकर विभाग की स्थित बिगड़ सकती है.
-यशवंत पुरोहित, राष्ट्रीय अध्यक्ष ऑलइंडिया इनकम टेक्स एम्प्लाइज फेडरेशन

Related Posts: