भोपाल/राजगढ़,   केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें चम्बल एक्सप्रेस-वे तथा नर्मदा एक्सप्रेस-वे महामार्ग निर्माण का अनुरोध किया गया था। श्री गडकरी ने छतरपुर और राजगढ़ जिलों में विभिन्न कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद आज शाम भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए कहा गया है।

इसमें राज्य सरकार को जमीन का अधिग्रहण करना होगा और काम केंद्र सरकार करेगी। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जमीन मिलने के एक साल में यह काम हो जाएगा। पत्रकार वार्ता में मौजूद श्री चौहान ने बताया कि चंबल एक्सप्रेस-वे में श्योपुर, भिंड एवं मुरैना के बीहड़ की अनुपयोगी जमीन का बेहतर उपयोग हो सकेगा। पर्यटन के लिहाज से भी इससे फायदा होगा। इसी तरह नर्मदा एक्सप्रेस-वे से अमरकंटक से अहमदाबाद जुड़ जाएगा। श्री गडकरी ने बताया कि ब्यावरा से भोपाल हाई-वे को ईपीसी मोड में परिवर्तित किया जायेगा। यह कार्य अगले चार माह में शुरू होगा। इसके साथ ही काफी समय से बंद पड़ा औबेदुल्लागंज से बैतूल मार्ग का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।

उन्होंने बताया कि विगत दो साल में मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग की लम्बाई 5,194 से बढ़कर 10 हजार 188 किलोमीटर हो गयी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर प्रदेश के 2000 किलोमीटर से अधिक के हाई-वे मार्गों का विकास किया जायेगा। अगले दो साल में प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपए के काम किए जाएंगे। शहरों के बीच से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के बारे में श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश में 120 शहरों के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, इनके काम के लिए 520 करोड़ रुपए के प्रस्ताव है। इनके काम मार्च के बाद शुरू होंगे।

इससे पहले श्री गडकरी और श्री चौहान ने आज राजगढ़ जिले के ब्यावरा में राजस्थान सीमा तक 220.95 करोड़ रुपए लागत के 61 किलोमीटर लम्बे टू-लेन सड़क मार्ग विथ पेब्ड सोल्डर का लोकार्पण करते हुए ब्यावरा-देवास फोर-लेन मार्ग का शिलान्यास किया। इस मार्ग की लम्बाई 141.26 किलोमीटर है और लागत 1583.79 करोड़ रुपए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब सीमेंट-कांक्रीट की सड़कें बनायी जा रही हैं, जो उच्च गुणवत्ता की होंगी और लम्बे समय तक खराब नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले प्रदेश खराब सड़कों के लिये जाना जाता था, किन्तु अब यह अवधारणा बदल गयी है।

श्री चौहान ने ब्यावरा शहर के विकास के लिये 5 करोड़ रुपए की राशि और सुठालिया को तहसील का दर्जा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यहां के विकास के लिये भी एक करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि राजगढ़ जिले में 2.55 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवायी जायेगी। धनिये की खराब फसल का मुआवजा किसानों को दिलवाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष हुई ओला-वृष्टि के कारण जिन किसानों की फसल खराब हुई थी, उन्हें 300 करोड़ रुपए का मुआवजा और 300 करोड़ रुपए की राशि फसल बीमा के रूप में दी गयी है।

इस मौके पर ब्यावरा नगर की 9 करोड़ 79 लाख रुपए की जल-वितरण योजना, एक करोड़ लागत के नैनवाड़ा के हाई स्कूल भवन, ब्यावरा शहर में 95 लाख 43 हजार रुपए लागत का सी.सी. रोड निर्माण, खानपुरा में एक करोड़ रुपए लागत के हाई स्कूल भवन का निर्माण, 91 लाख 93 हजार रुपए का आयुष कार्यालय भवन और बाउण्ड्री-वॉल निर्माण तथा ग्राम चाटा में एक करोड़ लागत के हाई स्कूल भवन निर्माण का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने ग्राम कचारिया में अनुसूचित-जाति बालक छात्रावास, सारंगपुर में 100 सीटर बालिका छात्रावास, ग्राम पड़ोनिया में अनुसूचित-जाति कन्या छात्रावास और सारंगपुर में पेयजल योजना का लोकार्पण किया।

Related Posts: