बाल-बाल बचे मरीज व परिजन

नवभारत न्यूज ग्वालियर,

108 एम्बुलेंस सेवा इन दिनों खुद वेन्टीलेटर पर हैं। विभिन्न क्षेत्रों से अस्पताल तक ले जाने वाली 108 एम्बुलेंस में भी मरीज सुरक्षित नहीं है। जिसका एक मामला सोमवार को सामने आया, जब गंभीर रूप से घायल मरीज को ले जा रही 108 के गियर सडक़ पर ही फेल हो गए और एंबुलेंस रास्ते में ही रूक गई।

भिण्ड कायस्थ नगर निवासी राजेन्द्र कुशवाह सीढिय़ों से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिस पर परिजन उन्हें भिण्ड जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने स्थिती देखते हुए उन्हें 108 एंबुलेंस से ग्वालियर रैफर कर दिया। एंबुलेंस बस स्टेण्ड तिराहे पर पहुुंची तो एंबुलेंस के गियर फेल हो गए और एंबुलेंस के पहिए बीच सडक़ पर ही थम गए।

एंबुलेंस खराब हो जाने के पर परिजन रोने लगे और मरीज को बचाने के की गुहार लगाने लगे। इसके बाद भिंड 108 एंबुलेंस के ड्रायवर मोहर सिंह ने अपने अधिकारियों को एंबुलेंस खराब हो जाने की सूचना दी।

जिस पर करीब 25 मिनट बाद गोले का मंदिर पाइंट से एंबुलेंस पहुंची और मरीज को शिफ्ट किया गया। शिफ्ट करने के बाद एंबुलेंस मरीज को लेकर जयारोग्य के ट्रॉमा सेन्टर लेकर पहुंची, जहां मरीज को भर्ती किया गया। राजेंद्र कुशवाह के बेटे प्रिंस कुशवाह का कहना है कि एंबुलेंस की स्टेयरिंग फेल हो जाने के कारण दूसरी एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया

दूसरी एम्बुलेंस में भी नहीं थे उपकरण

सबसे बड़ी बात तो यह है कि गोले का मंदिर से पहुंची एंबुलेंस में भी कोई लाइफ सपोर्ट उपकरण नहीं थे। मरीज को जिस एंबुलेंस में शिफ्ट कर अस्पताल तक पहुंचाया गया, उसमें प्लस ऑक्सीमीटर, बीपी स्ट्रूमेंट और थमार्मीटर तक नहीं था। इतना ही नहीं जिले भर में संचालित 15 एंबुलेंस में से एक भी एंबुलेंस ऐसी नहीं है, जिसमें पूरे लाइफ सपोर्ट के पूरे उपकरण हों।

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