pic2नई दिल्ली,  मुद्रास्फीति एक साल पहले के मुकाबले बेशक नीचे बनी हुई है लेकिन आम मध्यवर्ग के उपभोग की वस्तुओं और सेवाओं की महंगाई उसकी जेब पर अभी भी भारी पड़ रही है। दाल, तैयार खाना, जलपान, कपड़े के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च उसकी पहुंच से बाहर हो रहा है। उद्योग मंडल एसोचैम के एक विश्लेषण में यह निष्कर्ष निकला है।

एसोचैम विश्लेषण के मुताबिक दालों के मामले में खुदरा मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति 30 फीसदी के आसपास पहुंच गई है। कुछ दालों के दाम 200 रुपए किलो पर बोले जा रहे हैं, जबकि कढ़ी बनाने में काम आने वाले कुछ मसालों के दाम 9.2 फीसदी तक बढ़ गये हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ साथ घरेलू बाजार में भी ईंधन के दाम में गिरावट आने और वेतन में हल्की वद्धि के बावजूद शिक्षा और स्वास्थ्य सेवायें काफी महंगी हुई हैं।

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