china_indiaबीजिंग/नयी दिल्ली,  भारत और अमेरिका के बीच सैन्य साजो सामान समझौते को लेकर बनी सहमति से बौखलाये चीन के सरकारी मीडिया ने आज कहा कि भारत ऐसी ‘खूबसूरत महिला’ बने रहना चाहता है, जो सभी को विशेष रूप से अमेरिका तथा चीन जैसी महाशक्तियों को रिझाती रहे।

अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टल कार्टर की हाल ही में हुई भारत यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका ने कहा था कि इस समझौते से जुड़े मुद्दों का समाधान हो गया है और इस पर एक महीने के अंदर हस्ताक्षर हो सकते हैं। चीन के ग्लोबल टाइम्स अखबार ने इस पर प्रतिक्रिया करते हुए कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच पुराने समय से परस्पर विश्वास की कमी रही है ।

इसके अलावा दोनों के बीच सैन्य गठबंधन की अटकलबाजी करने वालों को भारत की महाशक्तियों के बीच आकर्षण का केन्द्र बने रहने की महत्वाकांक्षा का अंदाजा नहीं है। अखबार ने लिखा है , “ यह भारत का नया पैंतरा नहीं है। हमें याद होना चाहिए कि अपने कूटनीतिक दाव पेंचों से शीत युद्ध के दौरान भारत ने दो बड़े गुटों के बीच अपनी विशेष जगह बना ली थी। ”

लेख में यह भी लिखा है कि भारत अपनी हदों को पार कर चीन को नाराज नहीं करना चाहता इसीलिए उसने अमेरिका की आेर से इच्छा और उत्साह दिखाये जाने के बावजूद दक्षिण चीन सागर में संयुक्त गश्त के अमेरिकी प्रस्ताव पर चर्चा नहीं की । ग्लोबल टाइम्स की यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब भारत के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर पांच दिन की यात्रा पर चीन गये हुए हैं। श्री पर्रिकर और चीनी सैन्य नेतृत्व के बीच बातचीत में अमेरिका के साथ सैन्य साजो सामान समझौते पर भी चर्चा होने की पूरी संभावना है।

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