महिला पंचायत प्रतिनिधियों ने बुने विकास के सपने,

‘हौसलों की उड़ान’ सम्मेलन का समापन

भोपाल,

पंचायत महिला जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व उत्सव ‘हौसलों की उड़ानÓ के दूसरे दिन प्रदेश के 6 जिलों से भोपाल आई 300 महिला पंच-सरपंचों ने विभिन्न मुद्दों पर किये गये कार्य और उपलब्धियां प्रस्तुत की.
सम्मेलन में प्रदेश के रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, कटनी एवं बालाघाट जिलों की मौजूदा पंच-सरपंचों से साथ ही पूर्व महिला पंच-सरपंचों ने भी अपने अनुभव प्रस्तुत करते हुये उनके कार्यकाल में बनी सीख सामने रखी.

आज आयोजित सत्रों में विभिन्न मुद्दों पर पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया, जिनमें महिला पंच-सरपंचों द्वारा पोषण, आजीविका और विकास कार्यों पर चर्चा हुई.

इसके साथ ही महिला पंच-सरपंचों ने घर से निकल कर पंचायत तक पहुंचने और विकास कार्यों का अंजाम देने की प्रक्रिया में आई विभिन्न चुनौतियों का सामना किया. खास बात यह है कि महिला पंच-सरपंचों ने इन चुनौतियों को अपने साहस और संघर्ष से हल करने में सफलता हासिल की.

सम्मेलन के विशेष सत्र में पंचायत के 25 सालों में सामने आई सीख और उपलब्धियों का विश्लेषण विशेषज्ञों द्वारा किया गया. इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार गिरीजाशंकर ने महिला पंच-सरपंचों को संबोधित करते हुये कहा कि आज मैं महिला पंच-सरपंचों के मुंह से बजट बनाने की प्रक्रिया सुनकर बहुत ही उत्साहित हूं.

आपने पंचायत बजट जैसी जटिल बात को भी समझ लिया है. आपने खुद को परिवार और घर की चुनौतियों से बाहर निकलकर पंचायत के विकास की चुनौतियों का सामना किया, यह बहुत ही मुश्किल काम था.

Related Posts: