smriti_mayawatiनई दिल्ली,  जेएनयू विवाद पर बहस के दौरान पिछले दिनों राज्यसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा की गई टिप्पणियों को लेकर आज भी हंगामा रहा.

विपक्षी दलों के सदस्यों ने ईरानी से देवी-देवता के बारे में की गयी आपत्तिजनक टिप्पणियों को सदन में पढऩे के लिए माफी मांगने को कहा लेकिन उन्होंने विपक्ष के मांग पर कहा कि वह किसी की भावना को आहत नहीं की हैं बल्कि वह एक आस्थावान हिन्दू हैं और दुर्गा मां की पूजा करती हैं.

सदन में कांग्रेस के उप नेता आनन्द शर्मा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि संविधान और सदन के नियम इस बात की इजाजत नहीं देते हैं कि सदन में ऐसा कुछ भी उठाया जाए जिससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हों. विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है तथा मंत्री ने कल जो कहा उसके लिए माफी मांगनी चाहिए. आजाद ने कहा कि कई धार्मिक गुरू के बारे में अभियान चलाया जाता है किन्तु उसे सदन में नहीं उठाया जा सकता.

स्मृति का बचाव करते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों पर हमला बोला और कहा कि अब यह एक चलन बन गया है कि वे हर सत्र में अल्पकालिक चर्चा, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और हर बात पर माफी मांगने की बात करते हैं.

इस मुद्दे पर अपनी व्यवस्था देते हुए उपसभापति पी जे कुरियन ने कहा कि सदन की यह परंपरा रही है कि यहां ऐसा कुछ भी नहीं उठाया जाता है जिसमें ईशनिंदा हो या वह किसी समुदाय के खिलाफ हो. उन्होंने सदस्यों को आश्वासन दिया कि वह रिकार्ड को देखेंगे और यदि ईशनिंदा संबंधी कुछ भी हुआ तो उसे रिकार्ड से हटा देंगे.

हंगामे के बाद राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई.

 

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