narmadaखंडवा,   माँ नर्मदा की लहरें पवित्र मानी जाती हैं। इन्हीं लहरों पर सवार होगी शिवराज की केबिनेट। इसी पर बैठकर बनेगी प्रदेश विकास की योजनाएं। डायस तैयार है।

प्रमुख सचिवों ने भी भोपाल में बस्ते बांध लिए हैं, हनुमंतिया टापू (खंडवा) आने के लिए। खास बात यह होगी कि बैठक में कोई मंत्री झूठ बोल नहीं पाएगा। न ही झूठे वादे कर पाएगा। कारण, माँ नर्मदा की पवित्र लहरों पर सवार रहेगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह भी शुरू से ही नर्मदा के भगत रहे हैं। दो फरवरी को केबिनेट की बैठक हनुमंतिया में होगी। इसकी सारी तैयारियाँ अंतिम चरण में है।

सरकार ने खंडवा प्रशासन को भी भरपूर बजट खर्च करने के लिए दिया है। जिस क्रूज पर बैठक होगी। उसमें 22 कुर्सियों वाले यू सेफ टेबल सेट कर दिए गए हैं। यह पूरा एसी केबिन होगा। मुख्यमंत्री तीन बार प्रशासन से फालोअप ले चुके हैं। संस्कृति मंत्री की निगाहें चौकन्नी होकर यहीं टिकी हैं। पर्यटन विभाग की इज्जत का सवाल बताया जा रहा है।

मंत्री व आईएएस अफसरों के साथ मीडिया की अधिकता के कारण 60 सीटर क्रूज और 30 सीटर मिनी क्रूज बोट्स भी उपलब्ध रहेंगी। केबिनेट की बैठक काफी गहराई वाले जलाशय के बीच में होगी। यहाँ से चारों तरफ जमीन नजर नहीं आएगी। कोई अनहोनी न हो, इसके लिए भी विशेष इंतजाम व लाइफ जैकेटों को बड़े पैमाने पर इंतजाम किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था भी चाकचौबंद नजर आएंगी। मीडिया को एलाउ न करके हनुंतिया में झील के किनारे प्रेस ब्रीफिंग के लिए स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके बाद फरवरी में ही जल-उत्सव के दौरान हंडिया से जोगा कि़ला तक क्रूज यात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसमें पर्यटक 4 घंटे की 75 किलोमीटर की जल-यात्रा कर जोगा किले तक आ-जा सकेंगे। किले में ही दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही इन्वायरमेंटल ट्रेकिंग, साइकिलिंग, एडवेंचर-स्पोर्टस पैरा-सेलिंग, हॉटएयर-बैलून, लैटर्न-फ्लाईंग, पतंग-बाजी, रस्साकसी, बैलगाड़ी-यात्रा, स्टार-गेजिंग कार्यक्रम भी होंगे। जल-उत्सव की अवधि में क्षेत्रीय शिल्प और हथकरघा उत्पादों का क्राफ्ट बाजार भी लगेगा। संध्याकाल में गीत-संगीत के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएंगे।

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