भोपाल, 13 मई. म.प्र. कर्मचारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह अधिकारियों एवं कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को टालने हेत वेतन आयोग एवं समितियों का गठन करती है. सरकार यदि वास्तव में कर्मचारियों की मांगों एवं समस्याओं पर संवेदनशील है तो उ अग्रवाल वेतन आयोग के अनुशंसा प्रतिवेदन को शीघ्र लागू करना चाहिये. जिससे लाखों कर्मचारी आर्थिक नुकसान से बच सके.

खोंगल ने बताया कि शासन द्वारा 23 फरवरी 2008 को शासकीय सेवकों पेंशनर्स एवं निगम मंडल के कर्मचारियों को केन्द्र की भांति वेतनमान सुविधाएं विसंगतिपूर्ण वेतनमानों में सुुधार एवं पेंशन के पन निर्धारण हेत ए.के. अग्रवाल सेवानिवृत्त आई.ए.एस. की अध्यक्षता मे वेतन आयोग गठित किया था किंत चार वर्षो के पश्चात भी आयोग की कर्मचारी हितैषी अनसंशाएं लागू नहीं की जा सकती है.

उन्होंने बताया कि इसके पहले भी राज्य शासन ने प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के विसंगतिपूर्ण वेनमानों में सुधार करने हेत राव समिति बजाज समिति एवं कुरैशी समिति तथा राज्य कर्मचारियों के वेतनमानों में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने एवं सविधाएं देने हेत पूर्व मख्य सचिव बृम्हस्वरूप एवं एम.एस. सिंह देव की अध्यक्षता में समितियां गठित की थी किंतु सरकार ने इस समितियों के अनुसंशा प्रतिवेदनों को गंभीरता से नहीं लिया और उनकी सिफारिशों का ेआज तक पूरी तरह लागू नहीं किया. राज्य के कर्मचारियो को पूर्व मुख्य सचिव ब्रम्हस्वरूप कमेटी से बहत अधिक अपेक्षाएं थी. उन्होंने कहाकि यदि सरकार अग्रवाल वेतन आयोग की अनुसंशाएं शीघ्र लागू नहीं करेगी. तो उनके संगठन द्वारा प्रांतव्यापी आंदोलन किया जायेगा.

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