menkaनयी दिल्ली,  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने ‘मानव तस्करी (बचाव, संरक्षण एवं पुनर्वास) विधेयक 2016’ का प्रारुप आम जनता के लिए जारी करते हुए आज कहा कि सरकार का उद्देश्य मानव तस्करी के खिलाफ सामाजिक, कानूनी और आर्थिक माहाैल तैयार करना है।

श्रीमती गांधी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में इस विधेयक का प्रारुप जारी करने के बाद कहा कि मानव तस्करी रोकने के मौजूदा कानूनों की कमियों को इसके जरिए पूरा करने का प्रयास किया गया है। यह विधेयक बच्चों और महिलाओं की तस्करी रोकने पर केंद्रित है और इससे संबंधित अधिकारियों को ज्यादा अधिकार मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत मानव तस्करी का विश्व में तीसरा बड़ा केंद्र है और भारत के मार्ग से नेपाल एवं बंगलादेश की महिलाओं को भी विदेशों में भेजा जाता है। सरकार मानव तस्करी रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास किए जा रहे है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रारुप पर एक महीने के भीतर सुझाव, सलाह या आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसका प्रारुप मंत्रालय की वेबसाइट और ‘माई गोव डाट इन’ पर उपलब्ध है।

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