भोपाल,  मानव सग्रहालय में लगी यह प्रदर्शनी ज्ञान का भंडार है इसमें मॉडर्न तरीके से दलहन की उपियोगिता को समझाया गया है. दलहन, हजारो वर्षों से मानव सभ्यता का आहार-खाद्य स्रोत रही है.

दलहन न केवल भारतीय मौसम के अनुकूल ऐसी फ सल जिसे तुलनात्मक रूप से कम सिंचाई की आवश्यकता है बल्कि समाज निम्न वर्गो हेतु प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है. ये कहना है आईएएस कुमार संजय कृष्ण का.

वित्त सलाहकार, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार कुमार संजय कृष्ण ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में लगी दलहन आहार: एक भविष्यÓ नामक प्रदर्शनी और सग्रहालय में ही दूसरा शैक्षणिक कार्यक्रम करो और सीखो का गुरूवार को उदघाटन किया. कार्यक्रम में विशेष अतिथि एसएम खेनेड निदेशक, नेहरु विज्ञान केंद्र, मुंबई और प्रो. सरित कुमार चौधुरी निदेशक, मानव संग्रहालय भी उपस्थित रहे.

मुख्य अतिथि ने किया सग्रहालय का मार्ग दर्शन -कुमार संजय कृष्ण ने मानव संग्रहालय स्थित पारंपरिक तकनिकी प्रदर्शनी, शैल कला शैलाश्रय, जनजातीय आवास प्रदर्शनी, हिमालय ग्राम, स्पेसिमेन स्टोर, मिथक वीथी, मरू एवं तटीय ग्राम, आवृति भवन एवं वीथी संकुल दीर्घाओं का अवलोकन किया. भ्रमण के दौरान संग्रहालय के निदेशक, प्रो सरित कुमार चौधुरी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा मुख्य अतिथि का मार्ग दर्शन किया गया.

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