लखनऊ, 15 जनवरी. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य के आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का तोहफा मांगते हुए बसपा के सभी 403 प्रत्याशियों की सूची औपचारिक रूप से जारी कर दी.

मायावती ने अपने 56वें जन्मदिन के अवसर पर यह सूची जारी करते हुए संवाददाताओं से कहा कि पार्टी ने समतामूलक समाज की अवधारणा का सम्मान करते हुए सभी वर्गों के लोगों को टिकट दिया है. बसपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी ने सर्वसमाज के लोगों की दल के प्रति निष्ठा को देखते हुए उन्हें उचित भागीदारी दी है. प्रत्याशियों में अनुसूचित जाति के 88, अन्य पिछड़ा वर्ग के 113 तथा अल्पसंख्यक खासकर मुसलमान वर्ग के 85 उम्मीदवार शामिल हैं. उन्होंने बताया कि पार्टी ने सवर्ण जाति के 117 लोगों को टिकट दिया है, जिनमें से ब्राह्मणों को 74 तथा क्षत्रियों को दिये गये 33 टिकट शामिल हैं. इसके अलावा दल ने वैश्य, कायस्थ तथा पंजाबियों को भी टिकट दिये हैं. मायावती ने कहा कि पार्टी ने इस बार प्रत्याशियों के चयन में इस बात का काफी हद तक ध्यान रखा है कि वे साफ सुथरी छवि वाले तथा बसपा आंदोलन के प्रति समर्पित हों. साथ ही वे क्षेत्र के विकास पर ध्यान देते हों. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिये किया गया क्योंकि पिछले चुनाव में हमारी पार्टी के भोले-भाले लोगों को झांसे में रखकर कई लोग हमारे दल से टिकट लेने में कामयाब हो गये थे और उन्होंने चुनाव जीतने के बाद गलत कार्यों में लिप्त होकर हमारी पार्टी और सरकार की छवि धूमिल की. मायावती ने कहा कि पिछले चुनाव में बसपा के टिकट पर जीतकर आये खराब लोगों ने हमारे कैडर को भी प्रभावित किया और उन्हें अपने जैसा बना लिया, इसीलिये सरकार को ऐसे मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ी है.

हमने इस बार ऐसे मंत्रियों और विधायकों के टिकट काट दिये हैं. उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि ऐसे लोग फिर से अपनी जगह पहुंच गये हैं. हमारी पार्टी ने काफी गम्भीरता से सोचने के बाद अपने आंदोलन को प्राथमिकता देते हुए समर्पित लोगों को टिकट दिये हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वक्त जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं उनमें से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा पंजाब में पार्टी अपने बलबूते पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तथा पंजाब में बसपा के प्रत्याशियों की सूची जारी की जा चुकी है और उम्मीद है कि इन चुनावों में पार्टी अच्छे नतीजे हासिल करेगी. मायावती ने इस अवसर पर अपनी पुस्तक मेरे संघर्षमय जीवन एवं बीएसपी मूवमेंट का सफरनामा के सातवें संस्करण के हिंदी एवं अंग्रेजी स्वरूप का विमोचन, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील तथा चुनाव से सम्बन्धित गानों की सीडी भी जारी की. उन्होंने कहा कि उनकी किताब में बसपा के आंदोलन की चुनौतियों, विशेष कदमों तथा सफलताओं का लेखा-जोखा है और उन्होंने अपने प्रणेताओं के कथन का पालन करते हुए इतिहास को संजोने का कदम उठाया है. बसपा अध्यक्ष ने कहा कि उनके प्रणेताओं का कहना है कि किसी आंदोलन को जिंदा रखना ही काफी नहीं है बल्कि उसे सुरक्षित रखना भी जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ी को इतिहास की सही जानकारी मिल सके.

जन्मदिन पर मांगा जीत का तोहफा

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने अपने 56वें जन्मदिन पर विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सभी 403 उम्मीदवारों की सूची जारी की. उन्होंने कहा कि हमने साथ-सुथरी छवि वाले लोगों को टिकट दिया है. टिकट देने में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है.

विरोधियों को सता रहा है हाथी- मायावती ने कहा कि हमारे विरोधियों को बसपा का चुनाव निशान हाथी सता रहा है. मायावती ने कहा कि वे बर्थडे पर किसी प्रकार का गिफ्ट नहीं लेंगी. कार्यकर्ता अगर गिफ्ट देना ही चाहते हैं तो वह गिफ्ट दोबारा सत्ता में वापसी की शक्ल में दे सकते हैं. चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण मायावती सादगी से जन्म दिन मना रही हैं.

आयोन ने बसपा का पक्ष नहीं सुना-मायावती ने पूरे प्रदेश में हाथियों और उनकी मूर्तियों को ढकने के चुनाव आयोग के फैसले पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि आयोन ने बसपा का पक्ष नहीं सुना. मुख्यमंत्री ने कहा है कि चुनाव आयोग का यह फैसला दलित विरोधी मानसिकता का परिचायक है. माया ने कहा कि चुनाव आयोग को राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के चुनाव निशान हैंडपंप पर भी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आयोग को चंडीगढ़ के पार्क में हाथ का पंजा क्यों नहीं दिखा.

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