arudhantiमुंबई,  भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने कहा कि आगामी तिमाही में उनके बैंक में एनपीए यानी अटके ऋणों का आकार और बढ़ सकता है, जिससे उसका मुनाफा प्रभावित हो सकता है।

भट्टाचार्य ने कहा, कि गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बढऩे से हमारा मुनाफा प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि अगली तिमाही में भी एनपीए और बढ़ेगा, जो हमारे मुनाफे को प्रभावित करेगा। दिसंबर तिमाही के अंत तक बैंक का सकल एनपीए बढ़कर 72,791.73 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो एक साल पहले समान अवधि में 61,991.45करोड़ रुपए पर था। अटके ऋणों के लिए पूंजी अलग रखने के बढ़ते दबाव की वजह से एसबीआई का एकीकृत शुद्ध लाभ तिमाही के दौरान 67प्रतिशत घटकर 1,259.49 करोड़ रुपए पर आ गया।

भट्टाचार्य ने कहा कि जापान डेस्क शुरू करने का मकसद भारत में निवेश के इच्छुक जापानी निवेशकों को यहां निवेश करने में मदद करना है। उन्?होंने कहा, हम उन्हें उनकी नियामकीय जरूरत, कर जरूरत आदि के बारे में सूचित करेंगे। हमारी जापान डेस्क जापानी निवेशकों और उद्यमियों को वे सूचनाएं उपलब्ध कराएगी, जो उन्?हें भारत आने के लिए जानने की जरूरत है। एसबीआई की चेयरमैन ने कहा कि कई जापानी हैं, जो यहां संयुक्त उद्यम लगाना चाहते हैं, लेकिन उन्?हें अपनी जरूरत के हिसाब से सही भागीदार चुनने में दिक्कत आती है। इसके अलावा कई भारतीय हैं, जो जापान से कुछ पूंजी लाना चाहते हैं और साथ ही जापान की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ लेना चाहते हैं। उन्?होंने कहा कि आगे चलकर हम चेन्नई से एक और जापान डेस्क शुरू करेंगे। चेन्नई में जापानी समुदाय में इजाफा हो रहा है। इसके अलावा हमें कोरिया से भी इस तरह का डेस्क खोलने का आग्रह मिला है।

 

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