vijay_malyaनई दिल्ली,  ब्रिटेन ने कारोबारी विजय माल्या को वापस भारत लाने में सहयोग नहीं किया है. उसने बहाना बनाया है कि 1971 आव्रजन कानून के तहत देश में रहने के लिए वीजा ही काफी है, वैध पासपोर्ट रखने की मांग नहीं की जा सकती है.

ब्रिटेन ने माल्या को देश से निष्कासित करने के भारत के अनुरोध पर कार्रवाई करने से असमर्थता जताते हुए उसको प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू करने की सलाह दी है. अब भारत ने ब्रिटेन से प्रत्यर्पण की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया है.

राज्यसभा में शून्यकाल के पहले जदयू के शरद यादव द्वारा माल्या को स्वदेश वापस लाने के मुद्दे उठाये जाने पर सदन के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि माल्या राजनयिक पासपोर्ट पर ब्रिटेन गए थे, लेकिन केन्द्र सरकार ने ब्रिटेन जाने के बाद पासपोर्ट रद्द कर दिया था.

ब्रिटेन में यह व्यवस्था है कि कोई एक बार सही पासपोर्ट पर वहां पहुंच गया है और बाद में उसके पासपोर्ट को रद्द कर दिया जाता है तो उसे वापस नहीं लौटाया जाता है. जेटली ने कहा कि माल्या को वापस लाने को लेकर एक प्रक्रिया विफल हो गई है, लेकिन इसको लेकर दूसरी प्रक्रिया अपनायी जायेगी.

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