नई दिल्ली,

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शराब कारोबारी विजय माल्या को भगोड़ा घोषित कर दिया है. अदालत ने फेरा (फॉरेन करेंसी रेग्युलेशन एक्ट) उल्लंघन मामले में ईडी के समन को बार-बार धता बताए जाने के मामले में माल्या को भगोड़ा घोषित किया है.

ईडी ने एफईआरए नियम के उल्लंघन के मामले में माल्या को भगोड़ा घोषित करने के लिए कार्यवाही शुरू करने का आवेदन दिया था. मामला विदेश में अपनी कंपनी के शराब उत्पादों का विज्ञापन देने के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए एफईआरए नियमों के उल्लंघन का है.

2016 में नौ जुलाई को अदालत ने माल्या को नौ सितंबर (2016) को अदालत में व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने का आदेश दिया था. लेकिन माल्या अदालत में पेश नहीं हुए. ईडी के मुताबिक, माल्या ने कथित तौर पर लंदन में फॉमूर्ला वन वल्र्ड चैंम्पियनशिप और 1996, 1997 और 1998 के बीच कुछ यूरोपीय देशों में किंगफिशर लोगो प्रदर्शित करने के लिए ब्रिटिश फर्म को 2,00,000 डॉलर का भुगतान किया.

एजेंसी ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के बिना रकम की अदायगी की गई थी, जो कि एफएआरए नियमों का उल्लंघन है. माल्या देश के कई बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लेकर फरार हो चुके हैं. केंद्र माल्या को देश वापस लाने के लिए ब्रिटेन की सरकार से बातचीत कर रही है.

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