नो एंट्री का विरोध

नवभारत न्यूज ग्वालियर,

शहर और ट्रांसपोर्ट नगर में दिन में ट्रकों की एंट्री पूरी तरह से प्रतिबंधित कर देने के प्रशासन के फैसले की खिलाफत ब$ढ गई है। इससे रोजी-रोटी पर संकट आते देख भारी वाहनों के मिस्त्रियों ने भी आज से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है।

मिस्त्रियों की हड़ताल में ट्रांसपोर्टर भी शामिल हो गए हैं। इससे शहर में दैनिक उपयोग का सामान की आवक बंद हो गई है। शादियों का सीजन चल रहा है,ऐसे में यह हड़ताल दो दिन दिन भी खिंच गई तो शहर की जतना के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। माल नहीं होने से किराना के साथ ही अन्य उपयोगी सामान महंगा हो सकता है।

बता दें कि प्रशासन ने रात को 12 से से सुबह 5 बजे के लिए ही ट्रकों को शहर में अंदर आने की अनुमति दी है। इन्हीं पांच घंटे में सामान की लोडिंग और अनलोडिंग करना है। रात में भारी वाहनों को प्रवेश लेने से ट्रांसपोर्ट नगर में मिस्त्रियों के यहां मेंटेनेंस के लिए ट्रक आना बंद हो गए हैं।

करीब तीन हजार मिस्त्री हैं,जिनकी रोजी-रोजी पर संकट खड़ा हो गया है। उनके वर्कशॉप में दिन में ही गाडि़यां सुधरने के लिए आती हैं। प्रशासन ने दिन में एंट्री बंद कर दी है,इसलिए भारी वाहन वर्कशॉप में नहीं पहुंच रहे।

मिस्त्रियों ने अपनी समस्या प्रशासन के अफसरों को भी बताई,लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसीलिए उन्होंने बेमियादी हड़ताल पर जाने का कदम उठाया है। चूंकि मिस्त्रियों ने वाहनों की मरम्मत व खराबी सुधारना बंद कर दी है.

इसलिए ट्रांसपोर्टर भी उनके समर्थन में हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मांग है कि ट्रांसपोर्ट नगर में दिनभर भारी वाहनों की एंट्री खोली जाए। इनके समर्थन में दालबाजार व्यवसायी संघ भी हड़ताल पर जा सकता है।

Related Posts:

रामनरेश यादव मध्यप्रदेश के राज्यपाल
चाकू की नोंक पर रेलयात्रियों से लूटपाट
वरिष्ठजन पंचायत-वृद्धाश्रम के कर्मचारियों का पारिश्रमिक बढ़ा
राजधानी में पारा सामान्य से 2 डिग्री ऊपर चढ़ा
आरटीओ को निलंबित किया जाना भाजपा को बचाने का प्रयास
व्यापमं के आरोपी को जमानत, विजयवर्गीय ने लक्ष्मीकांत शर्मा को बताया निर्दोष