भोपाल,  समाचार पत्रों में संदर्भ की चर्चा के बगैर समाचारों की प्ररुतुति की बढ़ती प्रवृति चिंता का विषय है. यह बात राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष महेश श्रीवास्तव ने माधव राव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय में आयोजित राज्य स्तरीय पत्रकारिता पुरस्कार अलंकरण समारोह में कही.

श्रीवास्तव ने पत्रकारों की आजादी पर बढते खतरों की चिंता प्रगट की. समाचारों की प्रस्तुति में बढ़ती समझौतावादी प्रवृति को इसके लिये दोषी बताया. उन्होंने कहा कि पूंजी के बढ़ते महत्व के कारण इसे बढ़ावा मिला है. कार्यक्रम की अध्यक्षता मप्र और छत्तीसगढ़ में पूर्व मंत्री रहे सत्यनारायण शर्मा ने की.

विशेष अतिथि आयुक्त जनसंपर्क अनुपम राजन थे. कार्यक्रम संबोधित करते हुए राजन ने कहा कि संग्रहालय ने हमेशा पत्रकारिता के लिये काफी काम किये हैं. सामाजिक सरोकारों से जुड़े पत्रकारों के सम्मान का यह क्रम भी सराहनीय है. प्रदेश सरकार इस प्रकार के कार्यो में हमेशा सहयोग करती रही है और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा.

कार्यक्रम में हुकमचंद नारद पुरस्कार अजित वर्मा और राकेश दुबे को दिया. संतोष कुमार शुक्ल लोक संप्रेषण पुरस्कार जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक मंगला प्रसाद मिश्र को प्रदान किया. इनके अलावा माखनलाल चतुर्वेदी पुरस्कार अजीतसिंह को, लाल बलदेवसिंह पुरस्कार ममता यादव को, झाबरमल्ल शर्मा पुरस्कार प्रवीण दुबे, आरोग्य सुधा पुरस्कार शशिकांत तिवारीे और होमई व्यारावाला पुरस्कार पृथ्वीराज को दिया.

कार्यक्रम के प्रारंभ में संग्रहालय के संस्थापक – संयोजक विजयदत्त श्रीधर ने पुरस्कारों पर प्रकाश डाला और कहा कि इनके नाम जानेमाने पत्रकारों के नाम पर हैं ताकि हम उनके बारे में जाने समझे वहीं पुरस्कृत करने का कारण पुरस्कार पाने वाले लोगों के अच्छे काम को समाज की स्वीकृति दिलाना है.

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