mukeshश्वेटजिंगेन (जर्मनी),   द्राेणाचार्य अवार्डी भूपेन्द्र धवन के शिष्य मुकेश सिंह ने यहां चल रही यूरोपियन पॉवरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीसरी बार स्वर्ण पदक पर कब्जा किया है।

मुकेश ने कुल 750 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता जो चैंपियनशिप में किसी भी पाॅवरलिफ्टर द्वारा उठाया गया सर्वाधिक भार रहा।
मुकेश ने शुक्रवार को स्क्वेट में 280 किग्रा, बेंच में 185 किग्रा अौर डैड लिफ्ट में 285 किग्रा भार उठाया।

उन्होंने गत वर्ष इंग्लैंड में इसी चैंपियनशिप में 780 किग्रा भार उठाया था।
यह रॉ वर्ग है जिसमें पॉवरलिफ्टर को बिना किसी पॉवरलिफ्टिंग कास्ट्यूम के वजन उठाना होता है।

राष्ट्रीय पॉवरलिफ्टर्स महासंघ के अध्यक्ष एवं द्राेणाचार्य अवार्डी भूपेन्द्र धवन ने बताया कि इस चैंपियनशिप में भारत के सात खिलाड़ी और एक अधिकारी उतरे हैं।

डब्ल्यूपीयू यूरोपियन चैंपियनशिप 2016 पॉवरलिफ्टिंग, बेंच प्रैस और डैड लिफ्ट का आयोजन जर्मन पॉवरलिफ्टिंग यूनियन ने किया है।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों में मुकेश सिंह के अलावा राजपाल शौकीन, सोनू सेठी, तापेश दत्ता, वैभव राणा, सुमित साहनी और भीम सिंह शामिल हैं।

द्रोणाचार्य अवार्डी धवन ने मुकेश के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि उनके शिष्य ने एक बार फिर देश का नाम रौशन किया है और यूरोपियन चैंपियनशिप में तीसरी बार पदक जीतना एक बड़ी उपलब्धि है।

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