परिवार के लोगों की आंखों में आए आंसू

रतलाम पहाड़ी कछूए घर में रखे जाने की जानकारी मिलने पर वनविभाग का अमला धभाईजी के वास स्थित एक मकान पर पहुंचा और कछुए जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान परिवार के लोगों में आंसू निकल गए थे। वह वर्षो से इन कछूओं को पाल रहे थे। गुरूवार को ही परिवार की कन्या की विदाई हुई थी।

गुरूवार दोपहर को वन विभाग की टीम धभाईजी का वास निवासी कमल पिता शंकरलाल मराठा (माली) के घर पहुंची। जहां टीम ने चार पहाड़ी कछुए जब्त किए। रेंजर वंदना ठाकुर ने बताया कि जिला वन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार फुलजले को मुखबीर से सूचना मिली थी कि धबाईजी का वास में पहाड़ी कछुए है। इसलिए टीम लेकर पहुंचे और कछुए जब्त की।

वंदना ने बताया कि वनविभाग के कानून के अनुसार किसी भी कछुए पालना वन विभाग के नियमों में अपराध है। इसलिए वन्य प्रणाली संरक्षण अधीनियम 72 के तहत मामला दर्ज किया है। जब टीम कार्रवाई कर रही थी उस दौरान बच्चों से लेकर बडे कछुए ले जाने पर रो रहे थे।

50 वर्षों से पाल रहे हैं

कमल मराठा ने बताया कि उनके पिता स्व.शंकरलाल भेरूबावजी की पुजा-अर्चना कर करते थे। उन्हे कोई एक जोड़ा कछुआ देकर गया था तभी से हम उन्हें पाल रहे है। लगभग 50 वर्षो से उन्हे पाला जा रहा है।

कमल की बहन की शादी बुधवार रात को ही हुई है और गुरुवार सुबह बहन को विदा किया था। उसकी विदाई के आंखों आंसू अभी धमे भी नहीं थे की वन विभाग की टीम पहुंच गई थी।

Related Posts: