नई दिल्ली,

कम्युनिकेशंस (आरकॉम) का मालिकाना हक बचाने के बाद रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी पहले से ज्यादा मजबूत हो गए हैं. इसका असर यह हुआ कि रिलायंस के शेयर्स में तेजी आई और इसके निवेशकों को फायदा हुआ.

इससे लोगों का विश्वास भी कंपनी के प्रति बढ़ा. हालांकि इसके बीच अनिल अंबानी को अपना वायरलेस बिजनेस बंद करना पड़ा. पुराना साल जाते-जाते 2जी मामले में दोषमुक्त कराए दिए जाने से कई वर्षों की शर्मिंदगी भी खत्म हो गई.

अनिल अंबानी ने ये बातें इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए कहीं. यह उनका पिछले 10 साल में दिया गया पहला इंटरव्यू है. इस दौरान उन्होंने बोलते हुए कहा कि इस बीच उन्हें यह पता चल गया कि कौन उनका सच्चा दोस्त है.

उन्होंने ईटी से बात करते हुए बताया कि यह मेरा मुश्किल वक्त था और इस दौरान कुछ ही लोग मेरे साथ खड़े रहे. इतना ही नहीं लोग मेरी फोन कॉल्स का जवाब नहीं देते थे. वे मुझसे रिश्ता नहीं रखना चाहते थे. ऐसे वक्त में उन्हें मेरे साथ दिखना गवारा नहीं था.

उन्होंने कहा इससे आपको पता चलता है कि कौन आपके साथ है और कौन नहीं. 2जी केस में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है. इस बारे में पूछे पर अंबानी ने कहा अंत में सचाई की ही जीत होती है.ज् किसी भी शख्स या कंपनी को बिना बात के शर्मसार नहीं किया जाना चाहिए. न ही झूठे आरोप लगाकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा साख बनाने में आपको कई साल लगते हैं और यह पल भर में खत्म हो सकती है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें अमीर और मशहूर होने की कीमत चुकानी पड़ी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, च्न ही मैं अमीर हूं और न ही मशहूर. मैं एक आम इंसान हूं.ज् अनिल को वायरलेस बिजनेस बंद करने का अफसोस नहीं है. उन्होंने इस बिजनेस को भारती एयरटेल, वोडाफोन और एयरसेल के साथ मर्ज करने की भी संभावनाएं तलाशी , लेकिन सफल नहीं रहे.

उन्होंने बताया, मुश्किल घड़ी को हमने एक अवसर में बदलने की कोशिश की. हमने मोबिलिटी बिजनेस से निकलने का फैसला किया क्योंकि उसमें हमें नुकसान हो रहा था. आपको बता दें कि आरकॉम ने वायरलेस बिजनेस को मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो इंफोकॉम को 24,000 करोड़ रुपए में बेचने का एग्रीमेंट किया है.

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