मानव संग्रहालय में दी आकर्षक प्रस्तुति

भोपाल,

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ने अप्रैल, 2018 के माह के प्रादर्श के रूप में मुरुदंग जो कि कोन्ध जनजाति का एक संगीत यंत्र होता है, उसका उदघाटन प्रियंका दास, आयुक्त, नगर निगम, भोपाल एवं के. सतीश अतिरिक्त महानिदेशक और प्रमुख, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार ने किया गया.

इस अवसर पर संग्रहालय के निदेशक प्रो. सरित कुमार चौधुरी भी उपस्थित रहेे. इस प्रादर्श का चयन एवं संयोजन डॉ. पी. शंकर राव सहायक कीपर द्वारा किया गया है.

सग्रंहालय के कर्मचारी अशोक शर्मा ने बताया कि कोन्ध अथवा कन्ध नाम से जाने जाने वाली यह जनजाति ओडिशा के रायगढ़ जिले की पहाडिय़ों में पायी जाने वाली प्रमुख जनजातियों में से एक है, यह जिला विभिन्न जनजातीय समुदायों एवं उपजातियों जो शिकारी अवस्था से लेकर झूम कृषि एवं स्थाई कृषि के विभिन्न स्तरों पर पाए जाते हैं, यह उनका गृह स्थल हैै, इनमें कोन्ध एक ऐसा जनजातीय समुदाय है जो दक्षिणी ओडिशा के रायगढ़ जिले में पूर्वी घाट पर बसता हैै.

कोन्ध अथवा कन्ध जनजाति ओडिशा राज्य में बड़ेे पैमाने पर पायी जाती हैै. कोन्ध स्वयं को कुई कहते है, जो मूल रूप मे कुइंगा हैै. इस जनजाति का संगीत बहुत लोकप्रिय एवं प्रकृति में देशज है,ै जिसका प्रयोग वे विभिन्न अवसरों जैसे विवाह, धार्मिक उत्सव एवं भजन इत्यादि में आनंदित होने के लिए करते हैै.

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