bpl2भोपाल,  प्रदेश की दो स्मार्ट सिटी भोपाल तथा इंदौर में रेल आधारित यातायात व्यवस्था स्थापित करने के लिए मेट्रो रेल परियोजना का प्रथम चरण 2018 तक पूर्ण कर लिया जाएगा.

जापान के सहयोग से क्रियान्वित होने वाली इस परियोजना के संबंध में आज मंत्रालय में जापान सरकार के आर्थिक व्यापार तथा उद्योग मंत्रालय, भूमि अधोसंरचना यातायात तथा पर्यटन मंत्रालय, जापान की विभिन्न कंपनियों और संगठनों ने प्रस्तुतिकरण दिया.

मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा की अध्यक्षता में इस बैठक में महापौर आलोक शर्मा भी उपस्थित थे. बैठक में मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक विवेक अग्रवाल ने जानकारी दी कि स्मार्ट सिटी के रूप में चयनित भोपाल और इंदौर में परियोजना के क्रियानवयन में स्मार्ट डिजाइन और स्मार्ट क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान रहेगा.

भोपाल में मेट्रो रेल की दो लाइन डाली जायेंगी. इसका विस्तार 90 किलोमीटर क्षेत्र में होगा. शहर के सर्वाधिक घनत्व वाले क्षेत्र के साथ-साथ संपूर्ण नगर तथा सभी उपनगर इससे जुड़ेंगे. इंदौर में मेट्रो रेल की छह लाइन की योजना है जिसमें सर्वप्रथम शहर की सरकुलर लाइन का विस्तार किया जायेगा. दोनों शहरों में मेट्रो रेल का अधिकांश भाग ऊपरी अधोसंरचना पर आधारित होगा. भूमिगत भाग न्यूनतम रखा गया है.

मेट्रो रेल का समय प्रात: 5 बजे से रात्रि 12 बजे तक होगा. दोनों शहरों में 30-30 स्टेशन विकसित किये जायेंगे. इन स्टेशनों के आसपास पार्किंग व्यवस्था तथा स्टेशनों से शहर के अन्य भागों में आवागमन के लिए सुविधाजनक व्यवस्था विकसित की जायेगी. रेल निर्माण में एल्युमीनियम तथा स्टेनलेस स्टील का उपयोग होगा. इसमें से 90 प्रतिशत सामग्री रीसाइकिल करने योग्य होगी.

मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा ने कहा कि मेट्रो रेल विकास में जापान के अनुभव तथा विशेषज्ञता से हमारे स्वप्न को वास्तविकता में लाना संभव होगा. डिसा ने परियोजना के संबंध में प्राप्त सुझावों को क्रियान्वित करने पर सहमति दी. उन्होंने कहा कि राज्य शासन योजना के समय-सीमा में क्रियान्वयन के लिए हर संभव प्रयास करेगा. बैठक मेंप्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास मलय श्रीवास्तव सहित\ विभिन्न विभाग के अधिकारी उपस्थित थे.

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