yogaनयी दिल्ली,  छात्रों, युवा पेशेवरों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) तथा सेवानिवृत्त लोगों में योगासन के बढ़ते क्रेज के कारण मेट्रो शहरों में योगाभ्यास करने वालों की संख्या 30 प्रतिशत बढ़ गई है।

उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा कराये गये एक सर्वेक्षण तथा इसके विश्लेषण से यह बात समाने आई है। ‘योग या जिम’ नामक इस सर्वेक्षण के अनुसार, जानी-मानी हस्तियों के योग के प्रति लगाव तथा इसे मिल रही मीडिया कवरेज के कारण आम लोगों का रुझान भी योगासन की तरफ बढ़ा है। यह सर्वेक्षण पिछले दो महीने के दौरान दस मेट्रो शहरों – अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीअार, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ तथा मुंबई में कराया गया था जिसमें 100 जिम प्रशिक्षकों/फिटनेस पेशेवरों तथा जिमों में प्रैक्टिस करने वाले लगभग एक हजार लोगों से बात की गई।

अधिकतर जिम प्रशिक्षकों ने कहा कि उन्होंने जबसे अपने जिम में योगा की कक्षा शुरू की है महिला उपभोक्ताओं की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है। कुल मिलाकर पिछले एक साल में योगासन करने वालों की संख्या 25 से 30 प्रतिशत बढ़ी है।

परंपरागत जिम की कसरतों और योगासन में क्या बेहतर है यह पूछे जाने पर 25 प्रतिशत जिम प्रशिक्षकों ने कहा कि कुछ शुरुआती कक्षाओं के बाद उन्होंने योग की तरफ रुख किया है क्योंकि इससे शरीर लचीला होता है, त्वचा का कसाव बढ़ता है, शरीर को मजबूती मिलती है तथा ध्यान एवं प्रणायाम के अनेक फायदे होते हैं। कई प्रतिभागियों ने यहाँ तक कहा कि यह नशे की लत छुड़ाने से लेकर कमर दर्द मधुमेह तथा बढ़ती उम्र के लिए भी लाभदायक है। साथ ही इससे तनाव भी दूर होता है। यह पाचन शक्ति बढ़ाता है तथा थकान कम करता है।

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