नयी दिल्ली,

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेट्रो से यात्रा को ‘प्रतिष्ठा का विषय’ बनाने का आह्वान करते हुए आज सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को लेकर लोगों से मानसिकता में बदलाव लाने को कहा।

श्री मोदी ने मेट्रो की मैजेंटा लाइन का उद्घाटन करने के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र नोएडा के ऐमिटी विश्वविद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार शहरों में त्वरित परिवहन प्रणाली का विकास करने की प्रतिबद्ध है अौर यह सुशासन के कारण संभव है।

उन्होेंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के संबंध में समाज की मानसिकता में बदलाव लाने की जरुरत है जिससे मेट्रो में सफर करने वाले लोग गर्व का अनुभव कर सके। उन्होने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से कई समस्याओं का अंत हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से निजी वाहनों की संख्या कम होगी जिससे पर्यावरण की रक्षा होगी और पेट्रोलियम उत्पादों की खपत भी कम होगी । इस समय बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पादों का आयात किया जा रहा है जिसमें बड़ा पैसा लग रहा है। सरकार 2022 तक पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में कमी लाने का पूरा प्रयास कर रही है ।

श्री मोदी ने कहा कि मेट्रो को सौर ऊर्जा से भी जोड़ा गया है जिससे दाे मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा । इससे पेट्रोलियम का खर्च कम होगा। उन्होंने कहा कि आज का युग संपर्क का युग है जिसके बगैर जिंदगी ठहर जाती है। मेट्रो का लाभ पीढ़ी दर पीढ़ी आम आदमी को मिलेगा। इससे देश के उद्योगपति सफर करने वाले नहीं है ।

तीव्रगामी परिवहन को समय की मांग बताते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारतीय मेट्रो दुनिया के पांच बड़े मेट्रो नेटवर्क में शुमार हो जाएगी जो देश के लिए गर्व की बात होगी ।

श्री मोदी ने मेट्रो के विकास में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह 24 दिसंबर 2002 को सबसे पहले मेट्रो यात्री बने थे और 15 साल बाद आज मेट्रो का नेटवर्क 100 किलोमीटर क्षेत्र के दायरे में फैल चुका है ।

Related Posts: