बढ़ती धांधली के खिलाफ होगा बड़ा कदम

नवभारत न्यूज भोपाल,

मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमीशन में धांधली को रोकने के लिये सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है. इन दोनों ही पाठ्ïयक्रम के छात्र-छात्राओं से एडमीशन के नाम पर भारी कमीशन डोनेशन के रूप में वसूला जाता है.

राजधानी में इंजीनियरिंग कॉलेजों की लंबी फेहरिस्त है, जहां पर ब्रांचों में इस प्रोफेशनल कॉलेजों में कई की सीटें खाली हैं. राजधानी के ओरिएंटल, एलएनसीटी, टीआईटी, राधारमण, आरएसएस समेत कॉलेज के मुख्य कैम्पस में तो सीटों पर पर्याप्त विद्यार्थी हैं पर इनके कैम्पस में सीटें खाली पड़ी है. इसीलिये आरजीपीवी से संबंधित कॉलेजों में जिन ब्रांचों में 50 फीसदी से अधिक सीटें खाली रह जायेंगी. वहां कॉलेज में ब्रांच की सीटें हटा दी जायेंगी.

“एंटेस एग्जाम होने से आयुष महाविद्यालयों में मेधावी छात्र को ही प्रवेश मिल सकेगा व शैक्षणिक स्तर में सुधार हो सकेगा.”
डॉ. संजय अग्रवाल, प्राध्यापक
शा. खुशीलाल महाविद्यालय

नीट से ही मिलेगा आयुष में प्रवेश

नीट आयुष प्रतियोगी परीक्षा से ही आयुष विभाग के कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा. इसी इंटेस परीक्षा के माध्यम से आयुर्वेद व यूनानी पाठ्ïयक्रम में छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिलेगा, जिससे आयुष विभाग के कॉलेजों में हो रही धांधली व असंतोष बंद हो जायेगा.

इस सत्र में आरक्षित वर्ग की सीटों के बंटवारे पर पं. खुशीलाल कॉलेज के छात्रों में असंतोष उभरा था. आयुष मंत्रालय इस हेतु अपने कॉलेजों में स्नातक स्तर पर एडमीशन में नीट जैसे एंटेस एग्जाम में प्रवेश लेना होगा, जिसमें पास विद्यार्थी ही प्रदेश के 44 आयुष महाविद्यालयों में प्रवेश ले पायेंगे.

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