इस्लामाबाद,

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री एवं पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज के अध्यक्ष नवाज शरीफ ने आज कहा कि उनके खिलाफ दर्ज कराया गया मामला समझ से परे है।

पाकिस्तानी चैनल ‘दुनिया न्यूज’ ने बताया कि श्री शरीफ ने भ्रष्टाचार के मामले में जवाबदेही अदालत में पेशी के बाद मीडिया से कहा कि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है।उन्होंने कहा कि ऐसे बेबुनियाद आरोप लंबे समय तक नहीं टिकते।

पीएमएल-एन अध्यक्ष ने बलूचिस्तान में हालिया राजनीतिक संकट के बारे में कहा कि एक ऐसे व्यक्ति को प्रांत का मुख्यमंत्री बनाना जिसे महज 500 मत मिले हों, मजाक है।

श्री शरीफ ने कहा कि जब सरकार का कार्यकाल पूरा होने में महज पांच महीने बाकी हाें तो विरोध-प्रदर्शन करने का क्या फायदा।उन्होंने विपक्षी दलों को अगले चुनाव तक इंतजार करने को कहा है और भरोसा जताया है कि जनता अपने मतों के जरिये फैसला सुनाएगी।

गौरतलब है कि श्री शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज और दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) सफदर भ्रष्टाचार के मामलाें में आज 13वीं बार जवाबदेही अदालत के समक्ष पेश हुए।वह अपने परिवार के साथ आज सुबह लाहौर से यहां पहुंचे और थोड़ी देर पंजाब हाउस में ठहरने के बाद अदालत पहुंचे।

राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के अतिरिक्त निदेशक नसीर जुनेजो ने अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया।श्री शरीफ के वकील ख्वाजा हार्रिस ने उनसे पूछताछ की।पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ तीन मामलों में अब तक 13 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराये हैं।

सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय पीठ ने 28 जुलाई को एनएबी को श्री शरीफ और उनके बच्चों के खिलाफ छह सप्ताह में साक्ष्य पेश करने के निर्देश दिए थे।सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को छह माह के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करने के भी निर्देश दिए।पीठ ने न्यायाधीश इजाजुल एहसान को जवाबदेही अदालत की कार्यवाही की निगरानी करने का कार्य सौंपा है।

एनएबी के सभी मामलों में पूर्व प्रधानमंत्री और उनके बेटों हसन और हुसैन का नाम आया है जबकि मरियम और उनके पति सफदर का नाम केवल एवेनफील्ड मामले में सामने आया है।