अहमदाबाद,  अफ्रीकी विकास बैंक समूह के अध्यक्ष अकींवुमी अडेसिना ने आज कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक ‘बिजनेसमैन’ है जो जानते हैं कि उन्हें अपने देश के लिए शानदार सौदे कैसे करने हैं।

श्री अडेसिना ने आगामी 22 से 26 मई तक गुजरात की राजधानी गांधीनगर में होने वाले उनके समूह की वार्षिक आमसभा (एजीएम), जिसका औपचारिक उद्घाटन श्री मोदी 23 मई को करेंगे, के सिलसिले में आज यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी एक बिजनेसमैन हैं।

वह जानते हैं कि शानदार सौदे कैसे करने हैं। वह भारत के लिए जबरदस्त काम कर रहे हैं। हर जगह जहां वह जाते हैं लोग उनका स्वागत एक पॉप स्टार की तरह करते हैं। वह बहुत होशियार हैं और भारत के लिए कई शानदार समझौते कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि वह भारत अफ्रीका संबंधों को बेहतरी की ओर ले जाने तथा 10 अरब डॉलर की साख रेखा यानी लाइन ऑफ क्रेडिट देने के लिए श्री मोदी के शुक्रगुजार हैं। यह पूछे जाने पर उनकी श्री मोदी से क्या उम्मीदे हैं, श्री अडेसिना ने हल्के और विनोदी लहजे में कहा कि उन्हें उनके सूट और जैकेट बहुत अच्छे लगते हैं और वह उम्मीद करते हैं कि उनके पास भी ऐसा एक जैकेट अथवा सूट हो।

उन्होंने बताया कि 80 सदस्य देशों वाले उनके बैंक समूह की एजीएम हर दूसरे साल अफ्रीका से बाहर आयोजित होती है और अगली बार यह दक्षिण कोरिया के बुसान में होगी। उन्होंने भारत और अफ्रीका के बीच रिश्तों की बेहतरी के लिए बहुत ही अच्छा माहौल बनाने के लिए इंडिया अफ्रीका फोरम की भी भरपूर सराहना की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय सौर ऊर्जा गठजोड यानी इंटरनेशनल सोलर अलायंस का गठन होने के बाद बेहतरीन काम किया है। अफ्रीका जहां काफी मात्रा में सूर्य प्रकाश उपलब्ध रहता है, भारत की मदद से इस दिशा में क्रांति आ सकती है। भारत औद्योगिकरण और खाद्य और कृषि क्षेत्र में भी अफ्रीका की भरपूर मदद कर सकता है।

उन्होंने कहा कि उक्त बैठक के दौरान दोनो देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों विशेष रूप से बिजली, कृषि और खाद्यान्न, औद्योगिकरण, लोगों के जीवनस्तर में सुधार जैसे मामलों में आपसी अनुभव को साझा किया जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अफ्रीका के कुछ देशों में मुद्रा की कमजोरी के चलते निवेश पर पडने वाले प्रतिकूल असर को कम करने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने नाइजीरिया में अशांति के चलते इंडियन ऑयल और ओएनजीसी जैसी भारतीय कंपनियों के देश छोडने से जुडे एक सवाल के जवाब में कहा कि यह कहना सही नहीं है कि केवल अफ्रीका में ही असुरक्षित माहौल है। इसे दूसरे नजरिये से देखा जाना चाहिए। सुरक्षा और शांति विकास के लिए मूलभूत जरूरत है।

उन्होंने दिल्ली में अफ्रीकी छात्राें पर हमले के बारे में पूछे जाने पर बताया कि भारत में 2015 तक ऐसे 20 हजार छात्र थे जिनकी संख्या प्रधानमंत्री मोदी बढा कर 50 हजार करना चाहते हैं। ऐसे मामले आपसी सम्मान और समझ के जरिये हल किये जाने चाहिए।

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