modi1नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने गुमराह होकर हिंसा के रास्ते पर गए युवाओं से देश की मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए आज कहा कि हिंसा से किसी का भला नहीं होगा। श्री मोदी ने 70 वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश हिंसा और आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगा और आतंकवाद तथा माआेवाद के सामने नहीं झुकेगा।

उन्होंने नौजवानों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए कहा कि वे अपने माता पिता के सपनों और आकांक्षाओं को देखे और उन्हें साकार करने के लिए वापस लौटे। उन्होंने कहा, “मैं उन नौजवानों को कहता हूं अभी भी समय है, लौट आइए, अपने मां-बाप के सपनों की ओर देखिए, अपने मां-बाप की आशा-आकांक्षाओं की ओर देखिए, मुख्यधारा में आइए, एक सुख-चैन की जिंदगी जियें।

हिंसा का रास्ता कभी किसी का भला नहीं करता है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कही जंगलों में माओवाद के नाम पर, सीमा पर उग्रवाद के नाम पर, पहाड़ों में आतंकवाद के नाम पर, कंधे पर बंदूक लेकर के निर्दोषों को मारने का खेल चल रहा है। धरती माता रक्त से रंजित होती गई हैं, लेकिन इस आतंकवाद के रास्ते पर जाने वालों ने कुछ नहीं पाया है। श्री मोदी ने कहा कि हिंसा का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है। हिंसा को त्याग कर लाेकतंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है।

विविधता को देश की बडी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि एकता का मंत्र हमारी जड़ों से जुड़ा हुआ है। जिस देश की 100 से ज्यादा भाषाएं हों, सैंकड़ों बोलियां हों, अनगिनत पहनावें हों, अनगिनत जीवन पद्धतियों हों, उसके बावजूद भी ये देश सदियों से एक रहा है, उसका मूल कारण हमारी सांस्कृतिक विरासत है। हिंसा और अत्याचार का हमारे देश में कोई स्थान नहीं है। अगर भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाना है, भारत के सपनों को पूरा करना है तो हिंसा का मार्ग कभी कामयाब नहीं होगा।

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