प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूसरी अमेरिका यात्रा राजनैतिक और आर्थिक रूप से बहुत ही कामकाजी है. इसमें उन्होंने संयुक्त राष्टï्र को भी पुन: हिन्दी में संबोधित किया और उनका राष्टï्रपति श्री बराक ओबामा से भी मिलना होने जा रहा है. वे बंगला देश की प्रधानमंत्री भूटान व जोर्डन के शासकों से भी मिले.

इस दौरे में भारत ने जी-4 के चार देशों भारत, ब्राजील, जापान व जर्मनी का शिखर सम्मेलन भी आयोजित किया. इसमें श्री मोदी ने यह मुद्दा उठाया कि उस संयुक्त राष्टï्र सुरक्षा परिषद की क्या अहमियत है जिसमें दुनिया के बड़े प्रजातंत्रिय देश ही शामिल न हो. इस शिखर सम्मेलन की यह विशेषता रही कि इस चारों देशों में अत्यन्त निकट सौहार्द और उद्देश्य की एकता दिखाई दी. चारों देशों ने यह तय किया कि वे आपस में एकरुपता दिखाते हुए संयुक्त राषट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिये एक-दूसरे के दावे का समर्थन करेंगे. यह भी कहा कि संयुक्त राष्टï्र सुरक्षा परिषद में सुधार निश्चित समयावधि में होना चाहिए. संयुक्त राष्टï्र में श्री मोदी ने कहा कि आमतौर पर उद्योग जगत में सरकारी (पब्लिक) व प्राइवेट सेक्टर होते है लेकिन भारत ने अपनी मेन्युफेक्चरिंग प्रणाली में एक और सेक्टर ‘पर्सनलÓ (व्यक्तिगत) भी जोड़ा है. इसमें सभी सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग वालों को भी एक वर्ग माना गया है और उसके लिए विशिष्ठï बैंकिंग व्यवस्था भी की गयी है.

प्रधानमंत्री ने इस्लामिक स्टेट के बर्बर आतंक को दुनिया के लिए बड़ी चुनौती बताया. अरब राष्ट्र जोर्डन इन दिनों इस्लामिक स्टेट के आतंक की चपेट में आ गया है. सीरिया और इराक के शरणार्थी भागकर जोर्डन में भारी संख्या में शरण ले रहे हैं. जोर्डन के राजा अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री श्री मोदी से इस संकट पर खासतौर पर चर्चा की है. श्री मोदी सिलीकोन वैली पहुंच गये हैं.जो दुनिया में ‘डिजिटल केन्द्रÓ माना जाता है. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विकास के एजेंडे में ‘डिजिटल इंडियाÓ को प्रमुखता में रखा है और वे इसी संदर्भ में सिलीकोन गये हैं. उन्होंने भारत में ‘स्मार्ट सिटीÓ की योजना घोषित की है उससे सिलीकोन की कम्पनियों की भूमिका बनायी जायेगी. उन्हें भारत आमंत्रित किया जायेगा कि इन शहरों में आधुनिक युग की डिजिटल प्रणाली के साथ हवा, पानी, सुरक्षा उपाय और स्वास्थ्य के गेडजेट उपलब्ध कराना है.

श्री मोदी विशेष तौर पर यहां की कम्पनियों की कार्यप्रणाली, उत्पादों के लिये प्रयोगशाला से लेकर बिक्री बाजार तक श्रृंखला बनाना और उनकी व्यापारिक गतिविधि का संचालन देखने गये हैं. सिलीकोन वैली के अमेरिका का लघु भारत (मिनी इंडिया) भी कहा जाता है. यहां उनकी संख्या लगभग 90,000 है. यहां जितनी भी उच्चतम पून्जी की गूगल, एपल जैसी कई कंपनियां के मुख्य कार्यकारी भारतीय हैं. यहां वैज्ञानिक और डिजिटल वैली प्रणाली में भारतीयों को दक्ष माना जाता है. भारत के डिजिटल इंडिया के कार्यक्रम सिलीकोन वैली और यहां बसे व भारतीयों की बड़ी भूमिका होने जा रही है. भारत का स्मार्ट सिटी प्रोग्राम- तकनीक व विज्ञान में विश्व में अग्रणी रहेगा.

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