प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो दिवसीय यात्रा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध बढ़ाने के संदर्भ में अत्यन्त सफल रही. अमीरात आमतौर पर उसके राजधानी नगर दुबई के नाम से ज्यादा जाना जाता है. इस देश की भारत के लिये बड़ी अहमियत इसलिये है कि खाड़ी के देशों में संयुक्त अरब अमीरात भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और सम्पूर्ण विश्व में चीन व अमेरिका के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. भारत में इन दिनों जो विदेशी निवेश लाने की नीति चल रही है, उसमें श्री मोदी की इस यात्रा के फलस्वरूप अमीरात भारत में साढ़े चार लाख करोड़ रुपयों का निवेश करेगी. अमीरात की भारत से निकटता का एक सजीव प्रमाण यह है कि यहां की कुल आबादी में 30 प्रतिशत भारतीय हैं जिनकी संख्या 26 लाख है जो यहां अपने परिवारों को हर साल 12 अरब डालर की पून्जी भेजते हैं. इस समय भारत में अमीरात का पून्जी निवेश 3 अरब डालर पहले से ही है. दोनों देशों के बीच इस समय का व्यापार 60 अरब डालर का है. गत वर्ष 2014-15 में भारत का पेट्रो-क्रूड आयात में छठवां सबसे बड़ा देश अमीरात ही रहा.

श्री मोदी के गत अमेरिका यात्रा के समय वहां रह रहे भारतीयों ने एक बड़ी ही सुखद और निकटता की नयी परिपाटी डाली. वे न्यूयार्क के मेडीसन स्क्वायर के स्टेडियम में एक विशाल आयोजन में श्री मोदी के स्वागत व सुनने के लिए एकत्र हुए थे. तब से हर देश में रहने वाले भारतीयों ने इस परम्परा को अपना लिया. जहां भी श्री मोदी जाते हैं वहां इसी तरह के आयोजन होने लगे हैं. दुबई में भी वहां रहने वाले भारतीयों ने श्री मोदी के सम्मान में ऐसा ही एक भव्य समारोह किया.
श्री मोदी की अमीरात यात्रा में एक मस्जिद व मंदिर का भी बड़ा सुखद संयोग बन गया जो सांस्कृतिक निकटता का परिचायक बन गया. श्री मोदी वहां की विश्व प्रसिद्ध और दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अबूधाबी स्थित शेख जयाद मस्जिद देखने गये. अबूधाबी में ही शहजादे शेख ने हिंदुओं का एक मंदिर बनाने के लिए जमीन भी आवंटित कर दी. श्री मोदी ने इसके लिये शेख शहजादे को धन्यवाद दिया. अमीरात अभी भारत को पेट्रो क्रूड की जरूरत का 9 प्रतिशत भाग पूरा करता है. श्री मोदी के इस दौरे में वहां के पेट्रोलियम मंत्री सुलतान मंसूरी ने प्रधानमंत्री से कहा कि अमीरात भारत की पेट्रो क्रूड की किसी भी कितनी भी जरूरत को पूरा करने को तैयार है. अमीरात क्रूड के निर्यात में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा राष्टï्र है.

अपने दौरे में श्री मोदी उस मसदर शहर को देखने भी गये जो दुनिया का एकमात्र शहर है, जहां प्रदूषण ‘जीरोÓ है. यह पेट्रोल-डीजल उत्पादन करने वाला देश है लेकिन मसदर में इससे गाडिय़ां नहीं चलायी जाती हैं. यहां कार्बन उत्सर्जन बिलकुल नहीं होता है. इस शहर में कारें व अन्य यातायात बिजली या बैटरी से चलता है. श्री मोदी ने ऐसी ही एक इलेक्ट्रिक कार से यात्रा भी की है. भारत के स्मार्ट सिटी कार्यक्रम में अमीरात की रचना, संरचना व निवेश में बड़ी भूमिका होने की संभावनाएं हैं.

अमीरात के शासकों ने यह माना है कि पाकिस्तान में भारत विरोधी जो आतंकी हैं उन्हें सजा होनी ही चाहिए. भारत और अमीरात ने आतंक के विरुद्ध संयुक्त रूप से काम करने का निश्चय किया है. दोनों देशों की नौसेना, वायुसेना और थलसेना और बी.एस.एफ.-सी.आर. पी.एफ. जैसे पेरा मिलिट्री बल नियमित संयुक्त अभ्यास करेंगे.

ऐसे संकेत मिले हैं कि श्री मोदी की इस यात्रा में दाऊद इब्राहीम के बारे में भी कुछ तय हुआ है. यहां उसकी संपत्तियां हैं और यहां कभी रहा भी है.