modi1चंडीगढ़,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक तंदरुस्ती का माध्यम बताते हुये देशवासियों से इसे धर्म से अलग रख कर जीवन को अनुशासित एवं गतिशील बनाने के लिये इसे अपना हिस्सा बनाने की अपील की है।

द्वितीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आज यहां कैपिटल कॉम्पलैक्स में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय योग कार्यक्रम में योग के महत्व को लेकर अपने संबोधन में श्री मोदी ने योग के क्षेत्र में उत्तम कार्यो के लिये राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो पुरस्कारों की घोषणा की जिसके पात्रों का चयन विशेषज्ञों और निर्णायक मंडल द्वारा किया जाएगा। उन्होंने देश में तेजी से फैल रही मधुमेह की बीमारी पर योग के माध्यम से नियंत्रण पाने तथा इससे पीड़ितों को इसे नियंत्रित करने में लाभकारी योग क्रियाएं सिखाने के लिये जनांदोलन खड़ा करने पर अपना ध्यान केंद्रित करने की भी अपील की।

उन्होंने कहा कि देश ने विश्व के लोगों को जीरो लागत पर अपना स्वास्थ्य और जीवन शैली उत्तम बनाने की अनमोल विरासत प्रदान की है। भारत के अनुरोध पर संयुक्त राष्ट्र ने हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की गत वर्ष घोषणा की थी जिसे विश्व के लगभग सभी देशों और समाज के हर तबके का समर्थन मिला।

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