modiनयी दिल्ली,   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सिख योद्धा बाबा बंदा सिंह बहादुर के 300वें शहादत दिवस के अवसर पर उनकी जीवनी पर आधारित एक पुस्तक और स्मारिका का आज विमोचन किया। बाबा बंदा बहादुर के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी में एक भव्य कार्यक्रम का अायोजन किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि थे।

इस अवसर पर उन्हें और पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को बंदा बहादुर की स्मृति में जारी किया गया एक सिक्का भेंट किया गया। यह सिक्का हाल ही में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जारी किया था। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर बाबा बंदा सिंह की विलक्षण प्रतिभा का उल्लेख करते हुए उनकी शहादत और साहस काे नमन किया । उन्होंने कहा कि एक वीर योद्धा होने के बावजूद बाबा बंदा सिंह को समाज के वंचित और गरीब तबकों का ख्याल था और वे उनके अधिकाराें तथा सशक्तिकरण के लिए आजीवन प्रयास करते रहे।

यह उन्हीं के प्रयासों का फल था कि पंजाब से जमींदारी प्रथा खत्म हुई और गरीब किसानों को अपनी जमीन का हक मिल सका। प्रधानमंत्री ने बंदा बहादुर की संगठन क्षमता को अद्वितीय बताते हुए कहा कि ऐसी मिसाल पूरे इतिहास में कहीं नहीं मिलती। एक सशक्त प्रशासक होते हुए भी उन्होंने कभी भी सत्ता के अधिकार अपने पास नहीं रखे। यहां तक जो सिक्के भी जारी किए, वे खुद के नाम से नहीं बल्कि गुरु नानक और गुरु गोविंद सिंह के नाम से किए।

सरकार इस वर्ष बाबा बंदा बहादुर के निधन की ३०० वीं पुण्यतिथि देश भर में मना रही है। बाबा बंदा सिंह ने पंजाब में सिख शासन को स्थापित किया था। उन्हें एक ऐसे शख्स के रूप में याद किया जाता है ,जिसने अपने लोगों के सम्मान और संस्कृति की रक्षा के लिए पूरा जीवन न्योछावर कर दिया। मुगलों ने 1716 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और दिल्ली लाकर मौत के घाट उतार दिया था।

Related Posts: