modiनयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 11वें पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिये आज लाओस की दो दिन की यात्रा पर रवाना हो गये। श्री मोदी ने करीब दस बजे पालम वायुसैनिक हवाई अड्डे से विशेष विमान से उड़ान भरी। वह स्थानीय समयानुसार तीन बजकर 20 मिनट पर लाअोस की राजधानी विएनतियान पहुँचेंगे।

आज शाम उनकी मुलाकात जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और लाओस के प्रधानमंत्री थोंगलून सिसूलिथ से होगी। वह लाओस के प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित रात्रिभोज में भी शिरकत करेंगे। श्री मोदी ने कल रात अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि वह तीसरी बार इन सम्मेलनों में शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति का प्रमुख साझीदार है और पूर्वोत्तर क्षेत्र के आर्थिक विकास में बहुत अहम स्थान रखता है।

एक रणनीतिक साझीदार के तौर पर आसियान की भारत के इस क्षेत्र में पारंपरिक एवं गैरपारंपरिक चुनौतियों का मुकाबला करने तथा सुरक्षा हितों की रक्षा करने में बहुत अहम भूमिका है। पूर्व एशिया सम्मेलन एशिया प्रशांत क्षेत्र में चुनौतियों एवं अवसरों पर चर्चा करने का महत्वपूर्ण मंच है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भारत के संंबंध वास्तव में ऐतिहासिक रहे हैं। हमारे संबंधों एवं उद्देश्य को जिस एक शब्द में व्यक्त किया जा सकता है, वह है-कनेक्टिविटी।

भारत आसियान देशों के साथ यातायात एवं डिजिटल दोनों प्रकार की कनेक्टिविटी बढ़ाना आैर संस्थागत लिंकेज को मज़बूत करना चाहता है ताकि जनता का आपस में संपर्क बढ़े और इसका लाभ दोनों क्षेत्र के लोगों को मिल सके। श्री माेदी ने कहा कि वह इन सम्मेलनों में आने वाले नेताओं के साथ अलग से मुलाकात करके आपसी हितों से जुड़े द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। श्री मोदी कल सुबह भारत-आसियान शिखर सम्मेलन और दोपहर बाद पूर्व एशिया सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और देर शाम स्वदेश लौटेंगे।

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