modiनई दिल्ली, 25 मार्च. राजग सरकार ने देश में सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये भ्रष्टाचार के खात्मे व सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने व उनमें पारदर्शिता लाने के लिए अब तक का शायद सबसे बड़ा फैसला किया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की हुई बैठक में ई-क्रांति के नाम से राष्ट्रीय ई-गवर्नेस प्लान (एनईजीपी) 2.0 को मंजूरी दी गई।

यह प्लान आने वाले दिनों में हर तरह की सरकारी सेवा को मोबाइल समेत हर तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर उपलब्ध कराने का जरिया बनेगा। यह प्लान आम जनता को शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, प्लानिंग, न्याय, सुरक्षा, साइबर सुरक्षा समेत अन्य कई क्षेत्रों की सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

इसका आम जनता के जीवन पर भी प्रभाव पड़ेगा क्योंकि सरकार का कहना है कि यह नए वाहन बनाने से लेकर नई दवाओं के निर्माण, ऊर्जा के स्त्रोत तलाशने व जलवायु परिवर्तन तक के मामले में देश की क्षमता को बढ़ाएंगे। कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी देते हुए संचार, सूचना व प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ई-क्रांति नीति के 11 प्रमुख सिद्धांत तय किए गए हैं।

इनमें मोबाइल फर्स्ट, तीव्र गति से प्रस्तावों को मंजूरी देना, स्थानीय भाषा में हर तरह की सेवा को उपलब्ध कराना जैसे सिद्धांत शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सरकार को बेहद त्वरित व पारदर्शी तरीके से तमाम तरह की सेवाएं देने में तकनीकी विकसित करनी होगी।

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