नयी दिल्ली,

गलाकट प्रतिस्पर्धा के कारण घरेलू टेलीकॉम कंपनियां भले ही आपस में सबसे तेज मोबाइल इंटरनेट सेवा देने का दावा करती हों, लेकिन वैश्विक स्तर पर भारत इस मामले में 109वें और ब्रॉडबैंड स्पीड के मामले में 76 वें पायदान पर है।

इंटरनेट स्पीड मापने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनी ओक्ला के नवंबर महीने के स्पीडटेस्ट ग्लोबल इंडेक्स में भारत मोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में 109वें पायदान पर है।

चालू वर्ष की शुरूआत से देश में औसत मोबाइल डाउनलोड स्पीड 7.65 एमबीपीएस था जो नवंबर तक 15 फीसदी बढ़कर 8.80 एमबीपीएस पर पहुंचा।इस दौरान मोबाइल इंटरनेट स्पीड में जहां धीमी बढ़ोतरी हो रही है, वहीं ब्रॉडबैंड स्पीड में तीव्र वृद्धि हुयी है।

जनवरी 2017 में ब्रॉडबैंड का औसत डाउनलोड स्पीड 12.12 एमबीपीएस था जो नवंबर तक 50 फीसदी बढ़कर 18.82 एमबीपीएस पर पहुंच गया।

ओक्ला के सह संस्थापक एवं महाप्रबंधक डाउग स्टलेस ने इस रिपोर्ट को जारी करते हुये कहा कि भारत में माेबाइल और ब्रॉडबैंड दोनों इंटरनेट के स्पीड में बढ़ोतरी हो रही है।भारतीय उपभोक्ताओं के लिए यह अच्छी खबर है कि उनके लिए यह मायने नहीं रखता है कि वे कौन सा प्लान या किस ऑपरेटर की सेवा का उपयोग कर रह हैं।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में तीव्र गति से इंटरनेट सेवायें उपलब्ध कराने वाले देशों की सूची में शामिल होने के लिए भारत को अभी लंबी यात्रा करनी पड़ेगी, लेकिन वर्ष 2018 में इसमें तेजी से सुधार की उम्मीद की जा रही है।

इस सूची में नार्वे दुनिया में सबसे तेजी मोबाइल इंटरनेट प्रदान करने वाला देश है और वहां औसत मोबाइल इंटरनेट डाउनलोड स्पीड 62.66 एमबीपीएस है।फिक्सड ब्रॉडबैंड के मामले में 153.85 डाउनलोड स्पीड के साथ सिंगापुर इस मामले में दुनिया में अव्वल देश है।

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