इंदौर मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से मौजूदा रबी सत्र के दौरान गेहूं की बम्पर पैदावार की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
कृषि विभाग ने सूबे में इस सत्र में गेहूं की 200 लाख टन से ज्यादा पैदावार का अनुमान लगाया था लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम के कहर के चलते इस अनुमान का हकीकत में बदल पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। प्रदेश के किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग के संचालक मोहनलाल मीणा ने बताया, प्रदेश में मौजूदा रबी सत्र में 58.94 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया। अनुमान था कि इस सत्र में सूबे में गेहूं की पैदावार 203 लाख टन के आसपास रहेगी लेकिन हालिया बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल पर खराब असर पड़ा है। कृषि महकमा बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहंू की फसल को हुए नुकसान का जायजा ले रहा है। इस सिलसिले में तस्वीर कुछ दिनों में स्पष्ट हो सकेगी। इस बीच, भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र (आईएआरआई) के इंदौर स्थित क्षेत्रीय केंद्र के प्रमुख डॉ. अखिलेशनंदन मिश्र ने कहा, च्प्रदेश के जिन इलाकों में ओलावृष्टि हुई है, वहां गेहूं की फसल को 50 फीसदी या इससे ज्यादा नुकसान हो सकता है। सूबे के जिन क्षेत्रों में बेमौसम बारिश हुई है, वहां गेहूं की फसल को 10 से 20 प्रतिशत नुकसान अनुमानित है।ज् उन्होंने कहा कि मौसम के कहर से प्रभावित खेतों में न केवल गेहूं की बालियों का वजन घटने की आशंका है, बल्कि वहां गेहूं के दानों की चमक भी फीकी पड़ सकती है। नतीजतन इन क्षेत्रों में किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

वरिष्ठ गेहूं वैज्ञानिक ने कहा, च्हमारे अनुमान के मुताबिक मौजूदा रबी सत्र के दौरान सूबे में गेहूं की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता औसतन 3 टन के आसपास रह सकती है। नतीजतन इस सत्र में 58.94 लाख हेक्टेयर रकबे से करीब 177 लाख टन गेहूं पैदा हो सकता है।ज् सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2013..14 के रबी सत्र के दौरान प्रदेश में 58.74 लाख हेक्टेयर में गेहूं बोया गया और इसकी पैदावार 174.78 लाख टन रही थी।

महंगाई का खतरा
. इस महीने देश के कई इलाकों में हुई बेमौसम बारिश का कहर रबी फसलों पर पड़ा है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में नुकसान के प्राथमिक आंकड़े भी आने लगे हैं। उत्तर प्रदेश में आलू की 70 फीसदी और गेहूं की 50 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। मध्यप्रदेश में 15 जिलों की 1400 गांवों की पूरी फसल तबाह हो गई है। राज्य सरकार ने नुकसान के आंकलन के लिए सर्वे कराने का एलान किया है। राजस्थान के 26 जिलों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

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