संयुक्त राष्ट्र,

विश्व के 120 देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिये जाने की घोषणा का विरोध करते हुए अमेरिका से अपना निर्णय बदलने के लिए संयुक्त राष्ट्र की महासभा के प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया।

संयुक्त राष्ट्र में कुल 128 देशों ने कल प्रस्ताव का समर्थन किया और नौ देशों ने इसके विरोध में वोट किया जबकि 35 देशों ने इस प्रस्ताव से खुद को अलग रखा और 21 देशों ने वोट नहीं डाला।

श्री ट्रंप ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले देशों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता बंद करने की धमकी है जिसके बाद फलस्तीन के साथ खड़े दिखायी देने वाले देशों ने भी खुद को इस प्रस्ताव से अलग रखा।

अमेरिका के पश्चिमी और अरब सहयोगियों द्वारा प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने पर वह इस प्रस्ताव पर अकेला पड़ गया।वह मिश्र, जॉर्डन और इराक जैसे सहयोगियों को सैन्य और आर्थिक सहायता प्रदान करता है।

फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रवक्ता ने इस मतदान को ‘फलस्तीन की जीत’ बताया है।
वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस मतदान को स्वीकार करने से इंकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि श्री ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिये जाने घोषणा कर अमेरिका की दशकों से चली आ रही नीति को बदल दिया था।यरुशलम में मुस्लिम, यहूदी और ईसाई के तीर्थ स्थल हैं।

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