सीरिया और इराक के विरुद्ध चल रहा इस्लामी स्टेट का युद्ध वास्तव में पश्चिमी राष्टï्रों का युद्ध हो गया है और वे ही इसे सीरिया और इराक के लिये और स्वयं अपने लिये भी लड़ रहे हैं. इन दोनों राष्टï्रों की सरकारें उनके राष्टï्र की भूमि पर लड़े जा रहे हैं. युद्ध में मात्र दर्शक की भूमिका में ….आ गयी हैं क्योंकि यह उनकी सैनिक सामथ्र्य ही नहीं है कि वे इस्लामी स्टेट के हमलों का सामना कर सके.

सबसे पहले इसमें अमेरिका इराक से आगे आया क्योंकि वहां की सरकार सद्दाम सरकार का खात्मा कर उसने ही स्थापित की है. इस्लामी स्टेट का उद्देश्य भी यही है कि वह इराक व सीरिया के सुन्नी इलाकों को मिलाकर एक अलग व नया राष्ट्र इस्लामी स्टेट के नाम से बनाये. इससे इराक और सीरिया दोनों ही राष्ट्र टूट कर खंडित हो जायेंगे. साथ ही इन दोनों राष्ट्रों के गैर-सुन्नी मुसलमान- शिया, कुर्द व यजदी राष्ट्रविहीन शरणार्थी हो जायेंगे. इस समय भी सीरिया की काफी बड़ी आबादी भाग कर शरणार्थी के रूप में यूरोपीय देशों में शरण ले रहे हैं और उन देशों के सामने यह बड़ी राजनैतिक व आर्थिक समस्या हो गयी है.

हाल ही में तुर्की में सम्पन्न हुये जी-20 शिखर सम्मेलन में रुसी राष्टï्रपति श्री ब्लादीमिर पुतिन ने गंभीर चेतावनी के रूप में कहा कि 40 मुस्लिम राष्ट्र इस्लामी स्टेट को फन्ड और हथियारों से मदद कर रहे हैं और उनमें कई उस समय जी-20 शिखर वार्ता में सदस्य राष्ट्र के रूप में बैठे हुए हैं. लेकिन उस समय श्री पुतिन ने किसी राष्टï्र का नाम नहीं लिया, लेकिन अब यह लगभग उजागर हो गया है कि इस्लामी स्टेट का बड़ा मददगार… तुर्की ही है. मिस्र के गाजा क्षेत्र में पहले इस्लामी स्टेट ने रूस का एक यात्री विमान इस्लामी स्टेट में मार गिराया और कुछ ही दिन तुर्की ने सीरियाई-तुर्की सीमा पर एक रूसी फाईटर प्लेन जो सीरिया में इस्लामी स्टेट पर बमबारी कर रहा था- उसे मार गिराया और वजह यह बताई कि वह रूसी फाइटर प्लेन उसकी सीमा में आ गया था. जबकि दिखावे के तौर पर तुर्की इस्लामी स्टेट पर हमलों के लिए पश्चिमी राष्ट्रों के साथ है. श्री पुतिन ने तुर्की की कार्यवाही को पीठ में छुरा घोंपना कहा.

रूस ने तुर्की को गंभीर चेतावनी दी है. यह संभावना बन रही है कि तुर्की को इस्लामी स्टेट का मददगार मानते हुए पश्चिमी राष्ट्र उस पर भी हमला कर दे.
अमेरिका के रुख में भी भारी परिवर्तन आया है. अभी तक वह केवल हवाई हमले सीरिया व इराक में इस्लामी स्टेट के ठिकानों पर कर रहा था. उसने यह स्पष्टï किया था कि वह वहां फौजें नहीं भेजेगा. लेकिन अब इराक में फौज भी भेज रहा है और इराक सरकार कह रही है कि वह कोपेन… भेजे. ब्रिटेन ने भी संसद से अनुमति प्राप्त कर सीरिया पर हवाई हमले करना प्रारंभ कर दिया है. अब इस्लामी स्टेट पर हमले यूरोपीय देशों और रूस की तरफ से ही हो
रहे हैं.

इतने राष्ट्रों का हमला अन्त में इस्लामी स्टेट को नष्टï कर ही देगा, लेकिन उसने ये ताकत बना ली है, वहीं यह साबित करता है कि श्री पुतिन का कहना…. सही है कि अन्य राष्ट्र उसे फन्ड व हथियार दे रहे हैं.