prezनयी दिल्ली,  राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने युवाओं में भाईचारे, मातृभूमि के लिए प्रेम एवं सभी के लिए सहानुभूति का भाव पैदा करने की जरुरत पर आज जोर दिया।

श्री मुखर्जी ने यहां राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति स्काउट/ गाइड/ रोवर/ रेंजर एवं एडल्ट लीडर पुरस्कार प्रमाणपत्र प्रदान करने के बाद कहा, “आज हम वैश्विक रूप से जुड़े हुए एक विश्व में रहते हैं। किसी भी प्रगतिशील समाज के लिए नागरिकों में देश को आगे ले जाने के लिए निश्चित रूप से एक अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण, आधुनिक परिप्रेक्ष्य, डिजिटल एवं व्यवसायिक कुशलता होनी चाहिए।

हमें इस उद्देश्य के लिए हमारे देश के युवाओं को इसमें शामिल करने तथा उन्हें प्रेरित करने और उनमें भाईचारे की भावना भरने की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “आज भारत एक युवा देश है जिसकी आधी से अधिक आबादी 25 वर्ष या उससे कम आयु की है। युवाओं की क्षमता का वास्तविक रूप से उपयोग करने के लिए हमें उनमें सभी के लिए सहानुभूति, मातृभूमि के लिए प्रेम, महिलाओं के लिए सम्मान, जीवन में सच्चाई एवं ईमानदारी, बर्ताव में अनुशासन एवं आत्मसंयम और काम-काज में जिम्मेदारी जैसे सभ्यता के केंद्रीय मूल समावेशित करने की जरूरत है।”

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