yuviबेंगलुरु,  ‘सिक्सर किंग’ युवराज सिंह की आस्ट्रेलिया दौरे में ट्वंटी-20 सीरीज के लिये भारतीय टीम में वापसी तो हो गयी है लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह वनडे टीम में जगह नहीं बना सके.

भारतीय टीम में वापसी करने के बाद युवराज अपनी टीम पंजाब की तरफ से अलुर में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ बुधवार को जब विजय हजारे ट्राफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट का क्वार्टरफाइनल खेलने उतरेंगे तो उनकी एकमात्र कोशिश यही होगी कि उनके अंदर अब भी वनडे का दमखम मौजूद है. 34 वर्षीय युवराज विजय हजारे ट्राफी में अपने तूफानी प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में कामयाब रहे. युवराज ने इस टूर्नामेंट में अब तक पांच मैचों में 85.25 के औसत और 103.64 के स्ट्राइक रेट से 341 रन बनाये हैं और अपने दम पर पंजाब को क्वार्टरफाइनल में पहुंचा दिया है.

युवी ने भारतीय टीम की ओर से आखिरी मुकाबला छह अप्रैल 2014 को ट्वंटी-20 विश्वकप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ ढाका में खेला था. 293 वनडे में 8329 रन बना चुके युवराज ने भारतीय टीम में वापसी के बाद इस बात को लेकर अफसोस जताया था कि वह एकदिवसीय टीम में जगह नहीं बना सके लेकिन इस मुकाबले में उनके पास मौका रहेगा कि वह अपनी टीम को सेमीफाइनल में ले जायें और दिखायें कि वह एकदिवसीय टीम में लौटने का माद्दा रखते हैं.

Related Posts: