bspनई दिल्ली/लखनऊ,   उत्तर प्रदेश में अगर आज की तारीख में चुनाव हो जाएं, तो मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी को पटखनी देते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी.

हालांकि बहुमत के आकंड़े तक पहुंचने के लिए माया के ‘हाथीÓ को साथी की जरूरत होगी. नीलसन के ताजा सर्वे में यह दावा किया गया है. इस सर्वे के मुताबिक बीएसपी को 185 व बीजेपी को 120 सीटें मिल सकती हैं, जबकि समाजवादी पार्टी 80 सीटों पर सिमट जाएगी. यूपी में अगले साल चुनाव होने हैं. नीलसन का यह सर्वे 19 फरवरी से 1 मार्च के बीच 403 विधानसभा सीटों में से 61 सीटों पर किया गया. इस सर्वे में कुल 19 हजार 572 वोटरों से उनकी राय पूछी गई.

हाथी सबसे आगे, आधा खिलेगा कमल और स्क्क आधी से आधी : सीटों की बात की जाए तो इस मामले में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लग सकता है. अगर मार्च 2016 में विधानसभा चुनाव होते हैं तो 2012 में 228 सीटें पाने वाली समाजवादी पार्टी को सिर्फ 80 सीटें मिलेंगी, वहीं 2012 में 80 सीटें पाने वाली मायावती की पार्टी बीएसपी को 185 सीटें मिल सकती हैं. बीजेपी-अपना दल गठबंधन को इस चुनाव में खासी बढ़त मिल सकती है और उनकी सीटों की संख्या 43 से 120 तक जा सकती है. जबकि कांग्रेस को यूपी से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही और 2012 में 37 सीटें पाने वाले कांग्रेस-आरएलडी को महज 13 सीटें मिल सकती हैं.

सीएम पद की पहली पसंद में मायावती सबसे आगे: यह पूछे जाने पर कि यूपी में सीएम की पहली पसंद कौन है? लोगों ने अखिलेश के मुकाबले मायावती को सीएम पद के लिए ज्यादा उपयुक्त बताया. मायावती को 31 फीसदी, अखिलेश को 30 फीसदी, राजनाथ को 18 फीसदी, वरुण गांधी को 7 फीसदी, स्मृति को 4 फीसदी और प्रियंका गांधी को 2 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया है.
ज्यादातर लोग मोदी सरकार के कामकाज से संतुष्ट

केंद्र में मोदी सरकार के कामकाज के बारे में पूछे जाने पर 62 फीसदी लोगों को लगता है कि तमाम मोर्चों पर मोदी सरकार ने अच्छा काम किया है. इस तरह 62 फीसदी लोग मोदी सरकार के काम से संतुष्ट हैं तो 32 फीसदी असंतुष्ट हैं.
अखिलेश के कामकाज पर मिलीजुली प्रतिक्रिया
बीते चार साल में अखिलेश सरकार के कामकाज के बारे में पूछे जाने पर 32 फीसदी लोगों ने बताया कि वह सरकार के काम से संतुष्ट हैं. 7 फीसदी ने बहुत अच्छा, 25 फीसदी ने अच्छा, 29 फीसदी ने औसत, 23 फीसदी ने खराब और 11 फीसदी लोगों ने बहुत खराब बताया है.
भ्रष्टाचार में अखिलेश सरकार सबसे आगे’
इसके अलावा 39 फीसदी लोग मानते हैं कि अखिलेश सरकार में भ्रष्टाचार ज्यादा रहा, तो वहीं 24 फीसदी ने कहा कि मायावती सरकार में ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है. हालांकि 21 फीसदी लोग ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि दोनों ही सरकारों में भ्रष्टाचार हुआ है.

2017 में सबसे बड़ा मुद्दा?
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए ज्यादातर लोग बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं. सर्वे में 29 फीसदी लोग बेरोजगारी, 22 फीसदी महंगाई, 17 फीसदी भ्रष्टाचार, 15 फीसदी लोग गरीबी को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा मानते हैं.

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