planeनयी दिल्ली,  रक्षा मंत्रालय ने इस वर्ष रक्षा सौदों की झड़ी लगाते हुए वर्षों से लंबित सौदों को हरी झंडी दिखाई तथा कुल दो लाख करोड के प्रस्तावों को मंजूरी दी लेकिन मोदी सरकार की बहुप्रतीक्षित रक्षा खरीद नीति फाइलों से बाहर नहीं निकल पाने के कारण इन सौदों के लिए अभी तक अनुरोध प्रस्ताव नहीं मांगे जा सके हैं।

यह वर्ष वायु सेना में महिलाओं को लड़ाकू भूमिका में शामिल करने के ऐतिहासिक निर्णय तथा पूर्व सैनिकों की दशकों पुरानी एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी)की मांग को पूरा किये जाने के लिए भी जाना जायेगा।

रक्षा कूटनीति के तहत भारत ने पडोसियों के साथ पहल करने के साथ साथ सुदूर पूर्वी देशों के साथ भी द्विपक्षीय वाताओं , नौसैनिक पोतों की यात्राओं और युद्धअभ्यासों के जरिये संबंध मजबूत बनाये।

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