26modi3नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सांसदों से संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप निर्विघ्न , रचनात्मक तथा सार्थक चर्चा की अपील की। श्री मोदी ने शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि कल सभी दलों के राजनेताओं के साथ सौहार्द्रपूर्ण माहौल में मुलाकात की गयी और सबका एक स्‍वर से मत रहा था कि सदन उत्‍तम तरीके से चलाया जाए। उ

न्हाेंने कहा, “सदन से बड़ा कोई संवाद का केन्‍द्र नहीं हो सकता है। वाद हो, विवाद हो, संवाद हो यही संसद की आत्‍मा है। बाकी कामों के लिए तो पूरे देश का मैदान उपलब्ध है और मुझे खुशी हुई कि सभी दलों ने वाद-विवाद और संवाद के लिए सकारात्‍मक दृष्‍टिकोण प्रस्‍तुत किया है।” प्रधानमंत्री ने जताई कि देश संसद से जो अपेक्षा कर रहा है, सभी सांसद मिलकर के उन अपेक्षाओं को पूर्ण करने में कोई कमी नहीं रखेंगे। उन्हाेंने कहा “हमारा संविधान आशा की एक किरण है , जो सद्भाव, अवसर, सार्वजनिक भागीदारी और समानता का प्रतीक है।”

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