भारतीय जनता पार्टी के जबलपुर से लोकसभा सांसद श्री राकेश सिंह राज्य भारतीय जनता पार्टी के नये अध्यक्ष बनाये गये हैं और उन्होंने निवृतमान अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान से पदभार ग्रहण कर लिया है. इसी तारतम्य में पार्टी ने राजस्थान व आंध्र में पार्टी के अध्यक्ष श्री अशोक परनानी और श्री हरि बाबू को भी परिवर्तित कर दिया है. इन तीनों निवृतमान अध्यक्षों को पार्टी की केंद्रीय कार्यकारणी का सदस्य बनाया गया.

ये परिवर्तन ऐसे नहीं लग रहे कि इन लोगों को किसी विपरीत कारणों से हटाया गया है. बल्कि पार्टी संगठनों की सामान्य प्रक्रिया में लंबे कार्यकाल के बाद परिवर्तन लाकर नया चेहरा नयी स्फूर्ति के लिये आगे लाया गया है. श्री राकेश सिंह संसदीय दल व संगठन में सक्रिय हैं. वे लोकसभा में पार्टी के मुख्यसचेतक (व्हिप) है और महाराष्ट्र में पार्टी क्रियाकलापों में सहप्रभारी हैं. श्री राकेश सिंह पिछड़ी जाति (ओ.बी.सी.) वर्ग से आते हैं. जिनकी आबादी राज्य की 7-8 करोड़ आबादी में 51 प्रतिशत है.

राज्य में 7 महीने बाद अक्टूबर में राज्य विधानसभा के आम चुनाव आ रहे हैं और उससे लगे हुए ही वर्ष 2019 के प्रारंभ में लोकसभा के आम चुनाव होना है. पार्टी पिछले तीन विधानसभा टर्म से सत्ता में है और वह सत्ता में चौथा टर्म पाने की इच्छा रखती है और लोकसभा में भी अपने पिछले स्कोर से और ज्यादा सीटें भी लाना चाहती है.

राज्य में भाजपा ने कई उपचुनाव जीते व हारे भी हैं. लेकिन पार्टी की उत्तरप्रदेश में फूलपुर व गोरखपुर में लोकसभा के उपचुनाव में जो दुर्दशा हुई है और गुजरात में कांग्रेस की सीटें बढ़ी या भाजपा की घटी है- उसे देखते हुए पार्टी में यह धारणा व्याप्त है कि अति उत्साह में उत्साह ठंडा भी पड़ता है इसलिए चुनावों में रणभूमि की तैयारी से उतरना है.

कांग्रेस अभी राज्य विधानसभा व लोकसभा में भाजपा से काफी पीछे है, लेकिन उसका जनाधार व संगठन बरकरार है और वह इस मामले में पूरी गंभीरता से प्रयत्नशील है कि इस बार राज्य की सत्ता में वापस लौटना है.

राज्य की राजनीति में टू-पार्टी सिस्टम स्थापित हो चुका है और भारतीय जनता पार्टी व कांग्रेस के बीच ही है.