देवास से लेकर ग्राम घिचलाय तक लोगों ने जगह-जगह की पुष्प वर्षा

नवभारत न्यूजदेवास,

जिले की सोनकच्छ तहसील के ग्राम घिचलाय निवासी भारतीय सेना के शहीद जवान नीलेश धाकड़ को आज गुरुवार को उनकी जन्मभूमि घिचलाय में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सैनिक नीलेश धाकड़ पिता सुखराम धाकड़ उम्र 26 साल निवासी ग्राम घिचलाय तहसील सोनकच्छ के निवासी थे। उल्लेखनीय है कि सेना की 219 ऐडी रेजिमेंट आरटी में जम्मू काश्मीर में पदस्थ थे ।

गुरूवार को नीलेश धाकड़ का शव महू से देवास होते हुए ग्राम घिचलाय  लाया गया था जहां उनके बडे भाई रजनीश धाकड़ ने उन्हें मुखाग्रि दी उसके  पूर्व राज्य सरकार की ओर से एसडीएम सोनकच्छ नीरज खरे ने पुष्प चक्र भेंट किया।

अंत्येष्टि में सांसद मनोहर ऊंटवाल, विधायक राजेंद्र वर्मा,  सेना पदाधिकारी एवं जवान सहित विशाल संख्या में लोग शामिल हुए। इसके पूर्व प्रात: उनकी पार्थिवदेह को सेना के वाहन से महू से देवास लाया गया। देवास बायपास से ही बड़ी संख्या में वाहन, सेना के वाहन के पीछे चल रहे थे।

मार्ग के बीच में पडऩे वाले ग्रामों के दोनों ओर बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धांजली देने के लिए खड़े हुए थे। प्रात: लगभग 10.30 बजे उनकी पार्थिवदेह देवास से होते हुए घिचलाय पहुंची। इसके बाद ग्राम में अंतिम यात्रा निकाली गई। जिसमें लगभग हजारों व्यक्ति शामिल हुए।

रास्तों पर फू लों की वर्षा कर श्रद्धाजंलि अर्पित की प्रात:10.30 बजे जैसे ही दिवंगत सैनिक नीलेश की पार्थिव देह सेना के वाहन से देवास शहर में पहुंची तो जनसामान्य में भी भारत माता की जय, वंदे मातरम एवं शहीद नीलेश अमर रहे के उदघोष लगाए।

सयाजी द्वार पर बड़ी संख्या में जनमानस एवं जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर सैनिक नीलेश को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहर में जगह.जगह पर नीलेश के पार्थिव देह पर फू लों से वर्षा कर जय घोष लगाएं।गांव-गांव में की फू लों की वर्षापार्थिव देह पर देवास बायपास, खटांबा, जामगोद, भौंरासा फाटा, नेवरी फाटा, सोनकच्छ सहित अन्य जगहों पर फू लों की वर्षा की तथा सैनिक नीलेश को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जय हिन्द, जय नीलेश के  नारों से पूरा गांव गूंजने लगा, जैसे गांव का बच्चा-बच्चा तथा समूचा परिवेश सैनिक नीलेश को पुष्पांजली अर्पित कर रहा हो। नीलेश की अंतिम यात्रा उनके खेत पर समाप्त हुई, जहां अंतयेष्टि की जानी थी। सेना के जवानों द्वारा नीलेश को गार्ड ऑफ  ऑनर दिया गया। इसके पश्चात परिवारजनों ने नीलेश को पूरे वैदिक विधानों से मुखाग्नि दी।

मई में होने वाला था विवाह

निलेश धाकड़ के परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ा भाई एवं एक छोटी बहन भी है, बडे भाई का विवाह पूर्व में हो चुका था व आगामी मई माह में निलेश व उसकी छोटी बहन का विवाह होना था।

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