नयी दिल्ली,

उच्चतम न्यायालय ने बिहार के सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव को बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनके खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ के समक्ष दलील दी कि पत्रकार हत्याकांड में बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की कोई आपराधिक भूमिका सामने नहीं आयी है।

सीबीआई ने पीठ से यह भी कहा कि मोहम्मद कैफ और जावेद के साथ तेज प्रताप की तस्वीर की सच्चाई की भी जांच की गयी, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल नेता की इस तस्वीर का राजदेव हत्याकांड से कोई नहीं लेना-देना नहीं है। सीबीआई द्वारा क्लीनचिट दिये जाने के बाद न्यायालय ने भी मुकदमा बंद कर दिया।

न्यायालय ने साफ कर दिया कि अब तेज प्रताप यादव की आरोपी मोहम्मद कैफ और जावेद के साथ तस्वीर पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होगी। पीठ ने यह भी कहा कि बाद में यदि कोई आपराधिक भूमिका सामने आती है तो याचिकाकर्ता पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

राजदेव रंजन की पत्नी आशा रंजन ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करके राजद के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन और तेज प्रताप के खिलाफ हत्या के आरोपियों मोहम्मद कैफ और मोहम्मद जावेद की मदद और शरण देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की मांग की थी।

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