अहमदाबाद,  गुजरात चुनाव के लिए सत्तारूढ भाजपा के खिलाफ प्रचार अभियान में जुटे पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के नेता हार्दिक पटेल आज उनके विरूद्ध दायर राजद्रोह के एक मामले में आज यहां अदालत में पेश नहीं हुए।

अगस्त 2015 में यहां हुई पाटीदार अारक्षण रैली के बाद भडकी हिंसा के सिलसिले में क्राइम ब्रांच की ओर से दायर इस मामले के दो अन्य प्रमुख आरोपी चिराग पटेल तथा दिनेश बांभणिया हालांकि आज यहां सत्र अदालत में पेश हुए।

हार्दिक के वकील ने व्यस्तता के कारण उनके व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हो पाने की अर्जी दी जिसे अदालत ने स्वीकार कर मामले की अगली सुनवाई की तिथि 13 नवंबर को तय कर दी। ज्ञातव्य है कि इस मामले में रिहाई की अर्जी दाखिल कर चुके हार्दिक पिछली तिथि पर भी पेश नहीं हो सके थे क्योंकि वह महेसाणा के विसनगर के एक अदालत में अपने खिलाफ दायर गैर जमानती वारंट रद्द कराने गये थे।

विसनगर की अदालत ने हिंसा के एक अन्य मामले में बार-बार पेश नहीं होने के कारण ही उनके खिलाफ वारंट जारी किया था।हार्दिक पिछले कई दिनों से सौराष्ट्र क्षेत्र में सभाएं कर रहे हैं। उन्होंने हालांकि अभी कांग्रेस के औपचारिक समर्थन की घोषणा नहीं की है पर इन सभाओं में वह भाजपा पर खुलेआम हमले करते हैं।

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