22.04sag121350 नवदम्पतियों ने गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया, मंत्री के पुत्र-पुत्री का विवाह भी गरीब कन्याओं के साथ संपन्न, 

सागर 22 अप्रैल, संवाददाता. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की उपस्थिति एवं प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव की अगुवाई में आज गढाकोटा में कन्या विवाह का पुण्य सामूहिक सम्मेलन संपन्न हुआ । जिसमें पंचायत मंत्री के इकलोते पुत्र अभिषेक और पुत्री डा0अवन्तिका का विवाह भी सामूहिक समारोह में 1350 गरीब कन्याओं के विवाह के साथ संपन्न हुआ । इस समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान समेत उनके मंत्रीमण्डल के सहयोगी मंत्रियों, राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों, गृहस्थ संत प्रभाकर शास्त्री और अनेक विशिष्ट विभूतियों ने शामिल होकर नवदम्पत्तियों को शुभाशीष प्रदान किया।

बुधवार को गढाकोटा में संपन्न कन्या विवाह के पुण्य सामूहिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि यह आयोजन सामाजिक समरसता का महाकुम्भ है । जिसमें समाज की हर जाति व सम्प्रदाय की कन्याओं के विवाह एक मण्डप के नीचे उनकी धार्मिक पद्धति के अनुसार संपन्न कराये जा रहे है । मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री के इस सतकार्य ने उन्हें राजनेता के अतिरिक्त सोशल रिफारमर भी सिद्ध कर दिया है । मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का काम सड़क, बिजली, पानी आदि विकास कार्य कराने के साथ समाज सुधार के कार्य भी करना है, ये कार्य हम प्रदेश में कर रहे हैं । आपने कहा कि जिस देश में माता बहिनों का सम्मान नही होता वह देश कभी विकास नहीं कर सकता । उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने महिलाओं की समाज में भागीदारी बढ़ाने के लिये स्थानीय निर्वाचन में 50 प्रतिशत का आरक्षण लागू किया है और अभी हाल ही में पुलिस की भर्ती में 30 प्रतिशत पद महिलाओं के लिये आरक्षित किये है । मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक सम्मेलन में विवाह संपन्न होने पर ऐसे नवदम्पत्तियों जिनके यहां शौचालय नही है, उन्हें शौचालय निर्मित कराने के लिये 12 हजार रूपये की राशि दी जायेगी ।

मुख्यमंत्री ने समारोह में नवविवाहित जोड़ों के भविष्य की मंगल कामना करते हुए कहा कि दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने वाले दम्पत्ति सदा सुखी रहे, शतायु हों और ईष्वर उन्हें सुखी रखें, उनके दुख मुझे दे दे ।

कुशलक्षेम सम्मेलन भी आयोजित किये जायेगे- मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के सामूहिक विवाह समारोह में जो शादियां संपन्न हो रही है, उनका आगे जीवन कैसा चल रहा है, इसकी जानकारी लेने के लिये कुशलक्षेम सम्मेलन भी आयोजित किये जायेंगे । जिनमें पुराने सम्मेलन में विवाह कराने वाले युवक-युवतियों को आमंत्रित कर उनकी पारिवारिक समस्याओं की कुशलक्षेम जानी जायेंगी और उनकी आवष्यकतानुसार उन्हें मदद भी दी जायेगी । इसी क्रम में पंचायत मंत्री ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि गढ़ाकोटा के 14वे सम्मेलन में यह परम्परा शुरू हो गई है और आज के सम्मेलन में पुराने आयोजनों में विवाह कराने वाले दम्पत्तियों को यहां आमंत्रित किया गया है । इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परम्परा अब पूरे प्रदेश में भी लागू की जायेगी ।

समारोह में पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि इस क्षेत्र में कन्या विवाह के सामूहिक सम्मेलन वर्ष 2001 से प्रारंभ हुये है । यह 14वां पुण्य समारोह है जिसमें 30 मुस्लिम कन्याओं के निकाह उनकी धार्मिक परम्परानुसार मौलवियों के द्वारा संपन्न हो रहे है । इसके अलावा समाज की विभिन्न जातियों के कन्या विवाह वैदिक परम्परा से संपन्न हो रहे है । इस सम्मेलन में समाज के हर वर्ग व जातियों को एक मण्डप में बैठाकर परिणय बंधन में बांधने की परम्परा शुरू हुई है, यह सामाजिक समरसता के लिये किया गया प्रयास है । इस आयोजन में हर जाति वर्ग के जोड़ो को एकसमान सम्मान, भोजन, ठहरने और आने जाने की व्यवस्थायें समान रूप से कराई है ताकि सभी वर्ग के लोग अपने को सभी के समान समझें । आपने कहा कि समाज में साम्प्रदायिकता की बुराई देश को दो हिस्से में बांटती है किन्तु जातिवाद राष्ट्र को विखंण्डित कर देता है । इसलिये सामाजिक समरसता के आयोजन का यदि प्रयास होगा और इस भावना का प्रचार-प्रसार भरपूर होगा तथा यह भावना जब पूरे देश में व्याप्त हो जायेगी तो हमारा देश, विष्व में अन्य विकसित देशो से भी आगे खड़ा हो जायेगा । भार्गव ने बताया कि आज से चार वर्ष पहले के आयोजन में किन्ही आलोचकों ने व्यक्त किया था कि गरीब कन्याओं के विवाह कराकर दिखावा करते है, यदि वे अपने बच्चों की शादी सम्मेलन में कराये तब ही सच्चा नेता समझूंगा । उन्होंने कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर मैं आज अपने इकलौते पुत्र व पुत्री का विवाह, सम्मेलन में अन्य गरीब कन्याओं के साथ-साथ संपन्न कराने पर दुगनी खुशी का अनुभव प्राप्त कर रहा हूं ।

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